ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर अब आंदोलन तेज हो गया है। अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश सरकार से प्रतिमा की जल्द स्थापना की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो ग्वालियर की सड़कों पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें देशभर के संविधान में विश्वास रखने वाले अधिवक्ता शामिल होंगे। समर्थन और विरोध में रक्षक मोर्चा, भीम आर्मी और कई सामाजिक संगठन आमने-सामने आ गए हैं। वकीलों और संविधान को मानने वाले सामाजिक संगठनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे अब केवल वकीलों का नहीं, बल्कि एक सामाजिक मुद्दा बताया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि कुछ लोग बाबा साहब की छवि खराब करने में जुटे हैं और उन्हें संविधान निर्माता नहीं मानते। अधिवक्ताओं ने जोर देकर कहा कि बाबा साहब किसी जाति, समुदाय या धर्म विशेष के नहीं, बल्कि देश की राष्ट्रीय धरोहर हैं। उनका अपमान करने वालों को देशद्रोही की श्रेणी में रखा गया। फरवरी 2025 में मध्य प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन देकर ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई थी। इस ज्ञापन को रिकॉर्ड पर लिया गया और मार्च 2025 में हाईकोर्ट का प्रशासनिक आदेश भी प्रतिमा स्थापना के लिए जारी कर दिया गया था। हालांकि, कुछ अधिवक्ताओं ने प्रतिमा स्थापना का विरोध किया, जिसके बाद यह मामला हाईकोर्ट परिसर से निकलकर सड़कों पर आ गया। मुद्दा ग्वालियर में एक बड़े आंदोलन का रूप लेने की तैयारी में है, जो सड़कों पर भी दिखाई देगा।


