छिंदवाड़ा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का असर अब छिंदवाड़ा जिले में भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 28 जनवरी को जिलेभर में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके चलते तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। झिरपा–मटकुली में दो घंटे झमाझम बारिश पिछले कुछ दिनों से जिले के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। दो दिन पूर्व झिरपा और मटकुली क्षेत्र के बीच करीब दो घंटे तक झमाझम बारिश दर्ज की गई थी। वहीं सोमवार को तामिया क्षेत्र के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे ठंडक के साथ हल्की नमी भी बढ़ गई। बुधवार को फिर बन रहे बारिश के आसार मौसम विभाग ने बुधवार को जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। इस दौरान 12 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे मौसम में ठंडक और बढ़ सकती है। फरवरी की शुरुआत तक बदला रहेगा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जनवरी के अंतिम दिनों तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर बना रहेगा। इतना ही नहीं, फरवरी की शुरुआत में भी बादल छाए रहने, बूंदाबांदी और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में किसानों को फसलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दिन में गर्माहट, रात में हल्की ठंड जिले में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी सर्द हवाओं का असर दिखाई दे रहा है तो कभी बादलों की मौजूदगी से दिन में हल्की गर्माहट महसूस हो रही है।मंगलवार को मौसम शुष्क रहने के कारण अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। वहीं रात न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। स्वास्थ्य और किसानों के लिए सलाह मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर आमजन के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। डॉक्टरों के अनुसार सुबह-शाम की ठंड और दिन की गर्माहट के कारण सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। वहीं किसानों को फसलों की कटाई और भंडारण में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


