छूआ-छूत व भाषावाद से उठाकर विवेकानंद व भगवान श्री राम की तरह काम करें: संजीव

भास्कर न्यूज| महासमुंद हिन्दू एक धर्म नहीं एक विचार है। भारतीय ज्ञान परम्परा के अनुसार जब से सूर्य है तब से हम हैं अर्थात् हम प्राचीन है, सनातन है, श्रेष्ठ हैं, वैदिक है। राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाने का नाम ही हिन्दुत्व है।” उक्त बाते झलप में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में मुख्य अतिथि की आसंदी से डॉ संजीव कर्मकार ने कही। उन्होंने आगे कहा कि छुआ-छूत, जातिवाद, सम्प्रदायवाद, भाषावाद, प्रांतवाद से ऊपर उठकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, स्वामी विवेकानंद की तरह देश और समाज के लिए कार्य करें। विशिष्ट अतिथि ममता शीतल मिश्रा ने पंच परिवर्तन के विषय पर विचार रखते हुए स्वदेशी, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक कर्तव्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्व का बोध ही समाज की दिशा व दशा तय करता है। भाषा, भूषा, स्वदेशी विचार के स्वदेशी वस्तुओं का आग्रह देश को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाएगा। परिवार के साथ सामूहिक भजन व भोजन और शिक्षा के साथ संस्कार देना होगा। पर्यावरण संरक्षण पर कहा कि जैसे जो धर्म की रक्षा करता है धर्म भी उनकी रक्षा करता है वैसे ही जो प्रकृति की रक्षा करता है। प्रकृति भी उसकी रक्षा करती है। इस मौके पर दिनेश देवांगन चंद्रहास गोलू चंद्राकर, ओम नारायण शर्मा, ललिता अग्रवाल, राकेश साहू, ताराचंद पटेल, सुरेश देवांगन, कुलजीत सलूजा, शम्मी सलूजा, रूपलाल पटेल, हीरा लाल साहू, प्रताप मोहंती, हृदय दिवान विवेक दीक्षित, चन्दन डडसेना, उमेश भारती गोस्वामी, देवेंद्र निर्मलकर, हेमंत पंडा ,प्रांशु चंद्राकर,पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा, मौजूद थे। अखंड भारत के संकल्प का शताब्दी पर्व : विपिन मुख्य वक्ता मुख्य वक्ता व धर्म जागरण संयोजक विपिन शर्मा ने कहा कि आज का यह सम्मेलन अत्यंत विशेष है। हम सभी उस ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी बन रहे हैं, जिसकी शुरुआत 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ के 100 वर्ष पूरे होना केवल एक संगठन की यात्रा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के पुनरुत्थान, चरित्र निर्माण और अखंड भारत के संकल्प की सिद्धि का शताब्दी पर्व है। अनुशासन के पालन से ही देश महान बनाता है: शर्मा आेमनारायण शर्मा ने कहा कि पेड़, पानी और प्लास्टिक का उचित उपयोग पर्यावरण को नियंत्रित करेगी। नागरिक कर्तव्यों के साथ अनुशासन का पालन ही देश को महान बनाता है। बली चौधरी, रमेश देवांगन, किशन अग्रवाल, द्वारका पंडा, परसराम पटेल, अजय सूर्यवंशी, पोतदार सोनवानी गोपाल साहू, संतोष पंडा, निर्भय नायक, तीजन गब्बर साहू, संतोष चंद्राकर, राजा अग्रवाल, देवेंद्र राय अंकित शर्मा, शुभम शर्मा उपस्थित थे।

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