भास्कर न्यूज | महासमुंद छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ संयुक्त राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में जिले के पेंशनरों ने अपनी आवाज बुलंद की है। मंगलवार को संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर विनय लंगेह को 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष अशोक गिरी गोस्वामी ने जानकारी दी कि यह कदम 10 सितंबर 2025 को जबलपुर मुख्यालय में आयोजित बैठक में लिए गए सामूहिक निर्णय के आधार पर उठाया गया है। राज्य शासन को सौंपे गए इस मांग पत्र में पेंशनरों के हितों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को शामिल किया गया है। पेंशनर संघों ने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से इन जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने राज्य शासन से अपील की है कि इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बुढ़ापे में आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा मिल सके। ज्ञापन में मुख्य रूप से विधानसभा चुनाव से पूर्व दी गई ”मोदी की गारंटी” को याद दिलाया गया है। इस मौके पर जिला संयोजक टेकराम सेन, सरायपाली अध्यक्ष भोजराज पटेल, शिव साहू प्रांतीय उपाध्यक्ष, बीआर ध्रुव कार्यालय प्रभारी, बीआर देवांगन सचिव, मनराखन ध्रुव कोषाध्यक्ष सहित अन्य मौजूद थे। . महंगाई राहत : केंद्र शासन की देय तिथि से ही डीआर का भुगतान सुनिश्चित करना। . धारा 49(6): पेंशन पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6) की गलत व्याख्या समाप्त कर समय पर डीआर प्रदान करना। . पेंशन वृद्धि : 70 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पेंशनरों की मूल पेंशन में 20 प्रतिशत की वृद्धि। . स्वास्थ्य एवं कल्याण: पेंशनरों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और वरिष्ठ नागरिक आयोग का गठन। . रेल व आयकर छूट: रेल यात्रा में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली पुरानी रियायतों की बहाली और आयकर में विशेष छूट। . अन्य मांगें : तीर्थ यात्रा योजना में पेंशनरों को प्राथमिकता, मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को 50,000 रुपये की सहायता, ओपीएस की बहाली और कोर्ट के निर्णय अनुसार एरियर्स का भुगतान।


