भागीरथपुरा में गंदे पानी की समस्या अब केवल बीमारी तक सीमित नहीं है। यह लोगों को उनके घर, मोहल्ले और रोजगार से दूर कर रही है। ऐसे कई परिवार हैं, जो मजबूरी में शहर छोड़ रहे हैं। क्षेत्र की छोटी दुकानों तक बोतलबंद पानी पहुंच गया है, फिर भी ग्राहकी 30 फीसदी रह गई है। वहीं भागीरथपुरा क्षेत्र में बाहर से आने वाले लोग डरे हुए हैं। वे पानी टैंकर का पानी पीने की जगह कैंपर मंगा रहे हैं या पानी उबालकर पी रहे हैं। 75 बरस की मां बीमार न पड़ जाए,इसलिए बेटा परिवार सहित गांव लौटा दूषित पानी पीने से तीन साल की बेटी व 5 साल का बेटा बीमार पड़ा तो भागीरथपुरा क्षेत्र में रहने वाले शुभम कोरी ने शहर छोड़ने का मन बना लिया। शुभम ने बताया कि 31 दिसंबर की रात बेटे परीक्षित और बेटी माधवी को उल्टी-दस्त के बाद रात तीन बजे अस्पताल ले जाना पड़ा। उनका कहना था कि बच्चों के बाद कहीं बुजुर्ग मां भी बीमार बीमार न पड़ जाए, इसी डर के कारण वापस गांव (सागर) जा रहे हैं।


