छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में होली की रात को दो भाईयों के बीच हुए विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या कर दी। डंडे से उसके सिर पर वार कर दिया। जिससे मौके पर उसकी मौत हो गई। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि 14 मार्च को होली की रात तकरीबन 8 बजे तरकेला निवासी सुशील कुमार दास 28 साल और उसका छोटा भाई निर्मल दास दोनों बस्ती तरफ से घुमकर घर वापस आए। तब उनके पिता पंचराम दोनों को खाना खाने के लिए कहा, निर्मल दास खाना खाया, पर उसका बड़ा भाई सुशील खाना नहीं खाया और पट्टा में सो गया। इस दौरान दोनों भाईयों के बीच किसी घरेलू बात को लेकर आपस में लड़ाई-झगड़ा होने लगा। तब उनका पिता पंचराम दोनों को झगड़ा करने से मना किया, लेकिन सुशील कुमार दास नहीं माना और घर में रखे लकड़ी के डण्डा से निर्मल दास को जान से मारने की धमकी देकर सिर पर जोरदार वार कर दिया।
मारपीट से युवक की मौत हो गई
इससे निर्मल दास जमीन में गिर गया। इसके बाद सुशील ने निर्मल दास को हाथ, पैर से मारपीट कर चोट पहुंचाया। जिससे निर्मल दास की मौत हो गई। घटना के बाद पंचराम ने मामले की सूचना जूटमिल थाना में दी। जहां पुलिस ने मामले में शव का पंचनामा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।
आरोपी को अर्थदंड से दंडित किया गया
जहां इस मामले में सत्र न्यायालय के न्यायधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने आरोपी सुशील कुमार दास को धारा 103 भारतीय न्याय संहिता के अपराध में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 50 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। वहीं मामले में आरोपी के पिता पंचराम द्वारा झूठा बयान देने को लेकर उसके खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक पीएन गुप्ता ने पैरवी की।


