जंक फूड से कम उम्र में बीपी-शुगर बीमारियां हो रही:छात्र-छात्राओं ने मोटे अनाजों को खाने में शामिल करने का संकल्प लिया

डीग में ‘ईट राइट कैंपेन’ के तहत स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को पौष्टिक भोजन, स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक करना था। यह कार्यक्रम राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय डीग, बजरंग महिला टीचर प्रशिक्षण केंद्र डीग और प्रसादी महिला टीचर ट्रेनिंग कॉलेज (बी.एड) में आयोजित हुआ। जंक फूड के दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी कार्यक्रम आयुक्त (खाद्य सुरक्षा–औषधि नियंत्रण) डॉ. टी शुभमंगला के निर्देशानुसार, जिला कलेक्टर उत्सव कौशल एवं CMHO डॉ. विजय सिंघल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह ने छात्रों को जंक फूड के शरीर पर होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक मात्रा में फास्ट फूड का सेवन शरीर को कमजोर बनाता है और आगे चलकर गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को शारीरिक व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। कम उम्र में गंभीर बीमारियों की चेतावनी CMHO डॉ. विजय कुमार सिंघल ने बताया कि पिज्जा, बर्गर, मोमोज, पेटीज, नूडल्स जैसे जंक फूड में चीनी, नमक, तेल, मैदा, ट्रांस फैट और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा अत्यधिक होती है, जिनके कारण छोटी उम्र में ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। देशी अनाज और मिलेट्स को अपनाने की अपील डॉ. सिंघल ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए मिलेट्स और पारंपरिक देशी खानपान अत्यंत लाभकारी है। छात्रों को बाजरा, रागी, चना, कूटू और मक्का जैसे मोटे अनाजों को अपनी दैनिक भोजन दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं ने भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

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