बालाघाट के लांजी वन परिक्षेत्र की टीम ने जंगली सुअर का शिकार करने और उसका मांस बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वन विभाग को सूचना मिली थी कि वनक्षेत्र में जंगली सुअर का शिकार कर उसका मांस खाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर परिक्षेत्र अधिकारी के निर्देश पर सहायक परिक्षेत्र अधिकारी की टीम ने घोटी-घुसमारा निवासी रामदास पिता नागो हनोते के खेत में बनी अस्थायी झोपड़ी पर दबिश दी। तलाशी के दौरान झोपड़ी के पास खेत की मेड़ पर घास में छिपाकर रखा गया जंगली सुअर का मांस पॉलीथिन में मिला। मांस जब्त कर वन विभाग ने आरोपी को पकड़ा वन विभाग ने मांस जब्त कर आरोपी से पूछताछ की। रामदास ने बताया कि उसने यह मांस बोरगांव निवासी गणेश भंवरे से खरीदा था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गणेश भंवरे और उसके साथी संतलाल भुर्रे पिता मनीराम को भी गिरफ्तार कर लिया। सुअर शिकार कर मांस बेचने की पुष्टि, पूछताछ जारी परिक्षेत्र अधिकारी सपन ताम्रकर ने बताया कि आरोपियों से 4 किलोग्राम मांस बरामद किया गया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि आरोपियों ने पहले सुअर का शिकार किया और फिर उसके मांस का विक्रय किया। तीनों आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड मांगा गया है। जिले में वन्यप्राणियों के शिकार और असमय मौत की घटनाओं से वन्यजीव प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है। हाल के दिनों में एक महीने के भीतर एक बाघ और दो तेंदुओं की मौत की गुत्थी अभी तक अनसुलझी है, जिससे वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


