सीधी के संजय टाइगर रिजर्व अंतर्गत दुबरी अभ्यारण्य क्षेत्र से सटे गांवों में जंगली जानवरों का खतरा बढ़ गया है। देवमठ गांव में एक किसान की आलू की फसल को जंगली सूअर ने रातों-रात नष्ट कर दिया। इस घटना से ग्रामीणों में चिंता और भय का माहौल है। जंगली सूअर ने खराब की आलू की फसल देवमठ निवासी राम खेलावन यादव पिता रमाकांत यादव के लगभग 50 ढिस्मिल खेत में लगी आलू की फसल जंगली सूअर द्वारा पूरी तरह नष्ट कर दी गई। किसान के अनुसार, यह उनकी एकमात्र खेती योग्य जमीन थी, जिससे उन्हें प्रति वर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख रुपए की आय होती थी। फसल नष्ट होने से अब उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। वन विभाग पर ठोस कार्रवाई न करने का आरोप राम खेलावन यादव ने बताया कि उनके क्षेत्र में जंगली जानवरों की ओर फसल नष्ट करने की घटनाएं सामान्य हो गई हैं। उनका आरोप है कि वन विभाग न तो समय पर ग्रामीणों को सतर्क करता है और न ही कोई ठोस कार्रवाई करता है। उन्होंने अपनी मेहनत और कर्ज से तैयार की गई फसल के कुछ ही घंटों में बर्बाद होने पर चिंता व्यक्त की, जिसकी भरपाई उनके लिए मुश्किल है। डीएफओ बोले-वन विभाग की टीम कर रही है निगरानी ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गांव के आसपास एक भालू देखा गया था। हालांकि भालू कुछ देर बाद जंगल की ओर चला गया, लेकिन इस घटना से ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है। उनका कहना है कि खेतों में काम करना और रात में फसलों की रखवाली करना अब जोखिम भरा हो गया है। इस मामले पर डीएफओ राजेश कन्ना टी ने बताया कि यह एक जंगली इलाका है, जहां ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम पूरी तरह मुस्तैद है और जानवरों के गांव की ओर बढ़ने पर ग्रामीणों को तुरंत सूचित किया जाता है ताकि वे सतर्क रह सकें। वर्तमान में जंगली सूअर को भगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


