जंगल और वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए ड्रोन स्क्वाड तैनात:मांडव के जंगलों पर आसमान से पहरा, अवैध कटाई और शिकार पर नजर

धार वन मंडल में जंगलों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नई तकनीक का सहारा लिया गया है। वन विभाग ने एक विशेष ड्रोन स्क्वाड का गठन किया है, जो पूरे वन क्षेत्र पर आसमान से निगरानी रखेगा। यह स्क्वाड वन मंडल अधिकारी के निर्देश पर गठित किया गया है। ड्रोन स्क्वाड में एक डिप्टी रेंजर, दो वन रक्षक, एक प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर और एक चौकीदार शामिल हैं। टीम अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक के माध्यम से वन अतिक्रमण, अवैध कटाई, शिकार और अन्य वन अपराधों पर कड़ी नजर रख रही है, जिससे समय पर कार्रवाई संभव हो पा रही है। ड्रोन की मदद से नीलगाय के शावक को तलाशा स्क्वाड वन्यप्राणियों की गतिविधियों की निगरानी भी कर रहा है, जिससे उनके संरक्षण को मजबूती मिली है। हाल ही में मांडव के नालछा क्षेत्र में नीलगाय का एक शावक अपनी मां से बिछुड़ गया था, जिसे ड्रोन की मदद से खोज निकाला गया। इस अभियान में ड्रोन स्क्वाड की भूमिका अहम रही। निगरानी के साथ-साथ ड्रोन तकनीक का उपयोग मांडव क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता की हवाई फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए भी किया जा रहा है। इन दृश्यों को वन विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से साझा कर पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा ड्रोन स्क्वाड विभागीय गतिविधियों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर उनका दस्तावेजीकरण भी कर रहा है, जो भविष्य की योजनाओं और संरक्षण से जुड़े निर्णयों में सहायक होगा। वन विभाग का मानना है कि ड्रोन स्क्वाड की तैनाती से जंगलों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यप्राणियों के संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी।

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