जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर मझिआंव-गढ़वा मार्ग पर अवस्थित बंडा पहाड़ी, 12 किलोमीटर दूर गढ़वा रंका मार्ग पर अन्नराज नावडीह डैम, 28 किलोमीटर दूर रंका – गोदरमाना मार्ग पर नक्षत्र वन, 15 किलोमीटर दूर गढ़वा मेदिनीनगर मार्ग पर खोनहर शिव मन्दिर, गढ़वा से 30 किलोमीटर व रमना से तीन किलोमीटर दूर जिरूआ बांध, 35 किलोमीटर दूर नगरउंटारी के राजा पहाड़ी मन्दिर, 50 किलोमीटर दूर धुरकी प्रखंड में अवस्थित सुखलदरी जलप्रपात, गढ़वा जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर, मझिआंव से 19 किमी दूर कांडी से पहले अवस्थित सतबहिनी झरना तीर्थ, 18 किलोमीटर के दूरी पर गढ़वा- मझिआंव मार्ग पर अवस्थित बकोईया कोयल नदी तट, 55 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित चिनिया प्रखंड के गुरू सिंधु जलप्रपात, 45 किलोमीटर दूर स्थित अवस्थित डंडई प्रखंड के पनघटवा डैम है। भास्कर न्यूज| गढ़वा वर्ष 2025 के दिसंबर माह का अंतिम सप्ताह शुरू होने के साथ ही लोगों को जिले का पिकनिक स्पॉट लुभाने लगा है। लोग पिकनिक स्पॉट पहुंचने लगे हैं। विदित हो कि गढ़वा जिला में नववर्ष सेलीब्रेट करने के लिए एक से बढ़कर एक पर्यटन व पिकनिक स्पॉट हैं। जंगल, पहाड़ एवं घाटी से भरे होने के कारण गढ़वा जिला में एक से बढ़कर एक रमणीय स्थल है। गढ़वा जिला के रंका, मझिआंव, कांडी, रमना, मेराल, धुरकी, नगरउंटारी, भंडरिया, चिनिया आदि स्थानों पर कई पिकनिक स्पॉट हैं। गढ़वा शहर से सटे बंडा पहाड़ी, कल्याणपुर दानरो नदी तट, कोयल नदी तट, आसपास के प्लांटेशन एवं मंदिरों के आसपास के क्षेत्र एक जनवरी को पिकनिक मनाने वालों से भरे रहते हैं। सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जो लोग पिकनिक मनाना पसंद करते है। वे आमतौर पर धुरकी का सुखलदरी जलप्रपात, कांडी के सतबहिनी जलप्रपात व चिनिया प्रखंड के गुरुसिंघ जल प्रपात जाते हैं। घने जंगलों से घिरे होने के कारण चिनिया का गुरु सिन्धु जलप्रपात का दृश्य अत्यंत ही मनोरम है। यहां कनहर नदी में स्थित पत्थर प्राकृतिक छोटे डैम, दोनों तटों पर स्थित घनघोर जंगल काफी मनमोहक लगते हैं। पहली जनवरी को यहां चिनिया प्रखंड के आसपास के लोगों सहित अन्य जगहों के लोग भी पहुंचते हैं। रंका नक्षत्र पिकनिक व पर्यटन स्थल के मामले में नया स्थान है। रंका से मात्र तीन किलोमीटर आगे मुख्य पथ में एक पहाड़ी को नक्षत्र वन के रूप में विकसित किया गया है। यहां एक चेकडैम भी बनाया गया है। जहां सालों भर पानी जमा रहता है। इसके अलावा यहां कई भवन लोगों को रूकने के लिए बनाया गया है।


