कोंडागांव में जंगल की आग और अवैध कटाई रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। दक्षिण वन मंडल में ग्रामीणों को नुक्कड़ नाटक के जरिए समझाइश दी जा रही है। वन विभाग ने कई कदम उठाए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी दल गश्त कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को इस मुहिम से जोड़ा गया है। वे आग की घटनाओं की सूचना तुरंत विभाग को दे सकेंगे। जंगलों में आग की निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। संभावित खतरे वाले इलाकों में अग्निशमन दल तैनात किए गए हैं। वे आग लगने पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। गर्मी के मौसम में बढ़ती है आग लगने की घटनाएं वन अधिकारियों के मुताबिक, जंगल में आग लगने का मुख्य कारण लापरवाही है। कई बार ग्रामीण सूखी घास या पत्तों को जलाते हैं। इससे आग फैल जाती है। कुछ मामलों में अवैध लकड़ी तस्कर भी आग लगाते हैं। गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इससे वन्यजीवों और पर्यावरण को नुकसान होता है। वन विभाग ने की अपील वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल में आग रोकने में सहयोग करें। अगर कहीं आग लगी दिखे तो तुरंत विभाग को बताएं। सूखी घास या कचरा न जलाएं। जंगल में जलती बीड़ी या सिगरेट न फेंकें।


