झारखंड के गुमला में शुक्रवार को बम निरोधक दस्ते ने डेढ़ किलो का इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) डिफ्यूज किया। आईईडी सुरक्षा बलों ने चैनपुर प्रखंड के कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र स्थित कुटमा गांव के जंगल से गुरुवार की शाम की बरामद किया था पर अंधेरा होने की वजह से इसे रात में डिफ्यूज नहीं किया गया। एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव के अनुसार, इस विस्फोटक को भाकपा माओवादियों द्वारा 2021 में पुलिस को निशाना बनाने के लिए बिछाया गया था। रांची से आई बम डिफ्यूज टीम ने सुरक्षाबलों की मौजूदगी में आईईडी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। जुलाई में हरिनाखाड़ के रास्ते से 35 आईईडी मिले थे एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। इस इलाके में पहले भी कई आईईडी बरामद किए जा चुके हैं। सुरक्षाबलों को 2024 के जुलाई में हरिनाखाड़ के रास्ते से 35 आईईडी और 26 नवंबर 2024 को 5 आईईडी मिले थे। ग्रामीणों में दहशत का माहौल क्षेत्र में लगातार विस्फोटक मिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, खासकर उन लोगों में जो रोजाना लकड़ी चुनने जंगल जाते हैं। गुमला जिले का यह क्षेत्र आंजन और हरिनाखाड से होकर जाने वाले घने जंगल का हिस्सा है, जहां 2021 में नक्सलियों ने कई जगह विस्फोटक बिछाए थे। हालांकि पुलिस की कार्रवाई में कई नक्सली या तो मारे गए या गिरफ्तार कर लिए गए।


