जगदीश मंदिर पूर्व राजपरिवार की संपत्ति: हर्षवर्धन:बोले- अधिकार जताने वाले अवैध, राजाजी की छतरी में होने वाले कार्यक्रम का विरोध

डूंगरपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य हर्षवर्धन सिंह ने श्री जगदीश मंदिर को श्री लक्ष्मण देव स्थान निधि की संपत्ति बताया है। उन्होंने कहा कि शहर के तहसील चौराहा स्थित यह मंदिर पूर्व राजपरिवार की निजी संपत्ति है और इस पर अवैध रूप से रह रहे लोग भी अवैध हैं। हर्षवर्धन सिंह ने 7 और 8 अक्टूबर को श्री जगदीश मंदिर राजाजी की छतरी में होने वाले स्मृति महोत्सव, पादुका प्रतिष्ठा समारोह और चादर भंडारा उत्सव को भी अवैध करार दिया है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए न तो पूर्व राजपरिवार से कोई स्वीकृति ली गई है और न ही उन्हें इसकी कोई जानकारी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री लक्ष्मण देव स्थान निधि की ओर से पहले राधा कृष्ण महाराज को मंदिर में पुजारी के तौर पर रखा गया था। हालांकि, उनकी अवैध गतिविधियों के कारण उन्हें हटा दिया गया था। इस संबंध में मामला कोर्ट में भी चला था, जिसमें कोर्ट ने श्री लक्ष्मण देव स्थान निधि के पक्ष में फैसला सुनाया था। राधाकृष्ण महाराज का बाद में देहावसान हो गया। हर्षवर्धन सिंह के अनुसार अब राधाकृष्ण महाराज के चेले लवकुश शरण ने मंदिर पर अपना अधिकार जमा लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लवकुश शरण ने श्री लक्ष्मण देव स्थान निधि की संपत्ति पर अवैध तरीके से कब्जा किया हुआ है। रामबोला मठ के महंत शिवशंकर दास महाराज ने भी कहा कि लवकुश शरण खुद को महंत बता रहे हैं, जबकि वे महंत नहीं हैं। ऐसे में उनका पूरा कार्यक्रम ही अवैध है। इस मामले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस से भी शिकायत की गई है।

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