जगराओं में गेहूं घोटाले मामले में इंस्पेक्टर का ट्रांसफर:लाखों बोरी गेहूं खराब, चेयरमैन बोले-ये जानवर भी नहीं खा सकते

लुधियाना में जगराओं के एक शैलर में लाखों बोरी गेहूं खराब होने का मामला सामने आया है। पनग्रेन के चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने गोदाम की जांच की। विभाग की फ्लैग टीम ने खराब गेहूं की रिपोर्ट तैयार कर उच्च विभाग को भेज दी है। जिला कंट्रोलर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस मामले में केवल एक कार्रवाई की है। जगराओं खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह को मुल्लांपुर में ट्रांसफर कर दिया गया है। अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को कोई दंड नहीं दिया गया है। गोदामों में रखा गेहूं इतना खराब हो चुका है कि वह न तो इंसानों के खाने लायक है और न ही पशुओं के लिए उपयुक्त है। सूत्रों के अनुसार, इस खराब गेहूं को सरकारी राशन डिपो के माध्यम से वितरित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे संबंधित अधिकारियों को खराब गेहूं का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। क्रांतिकारी केंद्र के राज्य महासचिव कंवलजीत खन्ना और ग्रामीण कर्मचारी यूनियन के जिला अध्यक्ष अवतार सिंह रसूलपुर ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक इंस्पेक्टर का ट्रांसफर मात्र खानापूर्ति है। करोड़ों रुपए के नुकसान के लिए जिम्मेदार अन्य लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जानिए पूरा मामला…
जगराओं स्थित पनग्रेन एजेंसी के गोदामों में सरकारी गेहूं में पानी मिलाकर वजन बढ़ाने का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच के लिए सोमवार को पनग्रेन के चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने गोदामों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान लुधियाना के खाद्य आपूर्ति अधिकारी लखवीर सिंह और जगराओं के सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी सहित अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे। चेयरमैन के आगमन से पहले फूड सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने गोदाम में पहुंचकर गेट बंद कर दिया और सफाई व्यवस्था में जुट गए। गोदाम की जांच के दौरान चेयरमैन ने खराब गेहूं के सैंपल लेने के लिए फ्लाइंग टीम को बुलाया। गोदाम में सबमर्सिबल पंप और बड़ी पाइप की मौजूदगी ने चेयरमैन को चौंका दिया। गेहूं जानवर भी नहीं खा सकते-चेयरमैन
सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों के इशारे पर ही गोदाम मालिक ने गेहूं की बोरियों के पास सबमर्सिबल पंप लगवाया था। चेयरमैन ने गेहूं की खराब स्थिति देखकर कहा कि ऐसा गेहूं जानवर भी नहीं खा सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह का खराब गेहूं किसी डिपो पर नहीं भेजा जाएगा। डायरेक्टर से बात कर उन्होंने मामले की गहन जांच के आदेश दिए। डॉ. गिल ने चेतावनी दी कि खाद्य भंडार के रखरखाव में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही में शामिल पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. गिल ने कहा कि सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में लोगों को पारदर्शी प्रशासनिक सेवाओं के साथ भ्रष्टाचार और भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वही फूड सप्लाई विभाग के अधिकारी कई-कई सालों से एक ही जगह पर तैनात होने का मामला भी गर्माने लगा है। इस मामले को लेकर अब विभाग जांच करने में जुट गया है क्योंकि नियमों के मुताबिक अधिकारी तीन साल तक ही एक शहर में रह सकता है। लेकिन फूड सप्लाई विभाग में 15-20 सालों से कुर्सी पर बैठे हुए है।

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