जनजातीय विश्वविद्यालय में पर्यटन प्रशिक्षण शुरू:12 दिन की कार्यशाला में गाइड ट्रेनिंग से लेकर आपदा प्रबंधन तक की जानकारी मिलेगी

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के पर्यटन प्रबंधन विभाग में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह कार्यशाला जीपीएम जिले की पर्यटन समितियों के लिए है। कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर व्योमकेश त्रिपाठी ने किया। उन्होंने पर्यटन से स्थानीय समुदायों को मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला। कुलपति ने सभी प्रतिभागियों को पंजीकरण किट भी प्रदान की। पर्यटन विभाग के प्रमुख डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण 21 जुलाई से 2 अगस्त तक चलेगा। इसमें दो चरण होंगे। पहले 6 दिन आवासीय प्रशिक्षण होगा। अगले 6 दिन फील्ड ट्रेनिंग दी जाएगी। आपदा प्रबंधन के साथ गाइड ट्रेनिंग दी जाएगी प्रशिक्षण में कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इनमें पर्यटकों से व्यवहार, मार्गदर्शन, पर्यटन स्थलों की जानकारी और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का प्रस्तुतीकरण शामिल है। साथ ही आपदा प्रबंधन, स्थानीय उत्पादों का प्रचार-प्रसार और गाइड ट्रेनिंग भी दी जाएगी। जीपीएम के पर्यटन नोडल ऑफिसर डॉ. राहुल गौतम ने जिले के पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी दी। एफसीएम के डीन प्रोफेसर एस.के. बराल ने भारत और विश्व में समुदाय आधारित पर्यटन की अवधारणा पर चर्चा की। उन्होंने इस क्षेत्र की चुनौतियों और समाधानों पर भी प्रकाश डाला।

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