जबरदस्ती स्मार्ट मीटर या प्रीपेड मीटर लगाना बंद करे सरकार, किसानों-मजदूरों की कर्ज माफी समेत बाकी सभी मांगें भी पूरी की जाएं

भिखीविंड| किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब और केएमएम के आह्वान पर तरनतारन जिले के हलका खेमकरण से विधायक सरवन सिंह धुन के भिखीविंड स्थित कार्यालय का किसानों ने तीन घंटे तक घेराव किया। जिला अध्यक्ष सतनाम सिंह मनोचाहल की अध्यक्षता में हुए इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग पत्र सौंपा। किसान नेता किसानों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सतनाम सिंह मनोचाहल, दिलबाग सिंह पहुविंड और परमजीत सिंह छीना ने कहा कि कड़ाके की ठंड में प्रदर्शन करना उनकी मजबूरी है, क्योंकि सरकार बार-बार अपने वादों से मुकर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भगवंत मान सरकार ने जबरन उठवाया, जिससे किसानों की ट्रॉलियों, टेंट और राशन का करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। किसान नेताओं ने कहा कि जब इस नुकसान का हिसाब मांगा गया, तो सरकार ने बातचीत का निमंत्रण देकर खुद ही बैठक से दूरी बना ली। इसी वादाखिलाफी के विरोध में प्रदेश भर में विधायकों और मंत्रियों के कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम रखा गया। किसान नेताओं ने मांग की कि शंभू-खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान का मुआवजा जल्द दिया जाए, चिप वाले मीटरों पर सरकार अपना रुख स्पष्ट करे, बाढ़ का मुआवजा तुरंत जारी हो और अमेरिका के साथ किया गया कृषि समझौता रद्द किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यह समझौता हर वर्ग के लिए घातक साबित होगा। निसान सिंह मरीमेघा और हरप्रीत सिंह भुच्चर ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर गौर नहीं किया, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से ‘आप’ सरकार की होगी। इस मौके पर सुखपाल सिंह दोदे, अजमेर सिंह अमीशाह, हरपाल सिंह कलसिया, मान सिंह मरीमेघा और सतनाम सिंह मनिहाला सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भास्कर न्यूज | अमृतसर मांगों को लेकर किसानों ने न्यू अमृतसर में मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के निवास के सामने 5 घंटे धरना दिया। प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सबरा और महासचिव राणा रणबीर सिंह ने शंभू खनौरी मोर्चा की ट्रॉलियों और दूसरे सामान की चोरी से हुए 3.77 करोड़ के नुकसान का तुरंत मुआवजा देने की मांग की। आंदोलन में घायलों और शहीद हुए किसानों के पारिवारिक सदस्यों को नौकरी देने, किसानों-मजदूरों पर अत्याचार करने और उनका सामान चुराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की गई। उन्होंने कहा कि एमएसपी लीगल गारंटी एक्ट, किसानों-मजदूरों की कर्ज माफी समेत बाकी सभी मांगें भी पूरी की जानी चाहिए। पंजाब सरकार जबरदस्ती स्मार्ट मीटर या प्रीपेड मीटर लगाना बंद करे। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने पराली प्रदूषण को लेकर जो रेड एंट्री, जुर्माना और पुलिस केस किए हैं उन्हें वापस लिया जाए। उन्होंने केंद्रीय बजट में किसानों, मजदूरों और आम जनता को पूरी तरह नजरअंदाज करने और कॉर्पोरेट को फायदा पहुंचाने की कड़ी निंदा की।

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