जबलपुर के इंद्राना गांव में बीते दो सप्ताह से तेंदुओं की दहशत बनी हुई है। गांव के आसपास तीन से चार तेंदुओं का झुंड अक्सर देखा जा रहा है, जिसके कारण लोग डर के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। शाम होते ही ग्रामीण अपने घरों के भीतर चले जाते हैं। वन विभाग ने भी माना है कि इंद्राना सहित सिहोरा और कटंगी क्षेत्र में लगातार तेंदुओं का मूवमेंट हो रहा है और उनकी संख्या बढ़ रही है। वन विभाग के अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिलाकर जिले में 30 से अधिक तेंदुए घूम रहे हैं। लोगों को चेतावनी दी गई है कि घने जंगल में अकेले बिल्कुल न जाएं। गांव में तेंदुओं के हमले की घटनाएं इंद्राना गांव निवासी बेड़ी लाल चक्रवर्ती ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे शौच के लिए जंगल की ओर गए थे। लौटते समय उन्होंने देखा कि तेंदुए ने गाय का शिकार किया था। वे भागकर गांव पहुंचे और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। इससे पहले भी एक तेंदुआ गांव के भीतर तक घुस चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ जंगल से आता, शिकार करता और फिर भाग जाता है। बेड़ी लाल ने बताया कि आज भी उन्होंने गांव के बाहर तेंदुआ देखा। इससे पहले भी आसपास घूम रही बकरियों और कुत्तों को तेंदुए का शिकार बनाया जा चुका है। कभी यह गांव की छत पर तो कभी मंदिर में दिखाई पड़ता है। ग्रामीण महिला शांति बाई ने बताया कि चराई के लिए जब बकरियां गांव के बाहर जाती हैं, तो तेंदुए घात लगाकर हमला कर देते हैं। अब तक कई जानवरों को इसका शिकार बनाया जा चुका है। शिकार करने के बाद यह मंदिर की छत पर भी चढ़ जाता है। वन विभाग ने अलर्ट जारी किया डीएफओ ऋषि मिश्र ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं का मूवमेंट सच में हो रहा है, लेकिन अभी तक किसी इंसान पर हमला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि तेंदुए नयागांव, खमरिया, पिपरिया, साथ ही सिहोरा, कटंगी और इंद्राना क्षेत्रों में देखे गए हैं। वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है और ग्रामीणों को जंगल के अंदर अकेले न जाने की समझाइश दी जा रही है। डीएफओ ने यह भी बताया कि तेंदुए जानवरों का शिकार कर रहे हैं, लेकिन इंसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।


