जिले में धान उपार्जन में सामने आई गड़बड़ी का असर अब उन किसानों पर पड़ रहा है, जिन्होंने नियमों के तहत खरीदी केंद्र में अपनी उपज सरकार को बेची थी। मझौली ब्लॉक स्थित श्रीजी वेयरहाउस में धान खरीदी के दौरान हुए फर्जीवाड़े की जांच के चलते करीब 100 से अधिक किसानों का भुगतान कई दिनों से रुका हुआ है। भुगतान नहीं मिलने से नाराज किसान पिछले दो दिनों से मझौली तहसील कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया के अनुसार धान समिति में जमा कराया, लेकिन कुछ लोगों की गड़बड़ी के कारण उनकी मेहनत की कमाई अटक गई। लगातार अनदेखी से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बीजेपी विधायक ने उठाया मुद्दा मामले में अब पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कलेक्टर जबलपुर को पत्र लिखकर स्पष्ट कहा है कि ईमानदार और वास्तविक किसानों की पहचान कर एक सप्ताह के भीतर उनका भुगतान सुनिश्चित किया जाए। विधायक ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में भुगतान नहीं हुआ तो वे स्वयं किसानों के साथ आंदोलन में उतरेंगे। ये पहली बार नहीं है जब विश्नोई ने अपनी ही सरकार को घेरा है। इससे पहले भी वो मुखरता से जनहित के मुद्दे उठते रहे हैं। विधायक अजय विश्नोई धरने पर बैठे किसानों से मिलने मझौली भी पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि जांच जरूरी है, लेकिन जांच के नाम पर निर्दोष किसानों को परेशान करना गलत है। प्रशासन को फर्जी और असली किसानों में स्पष्ट फर्क करते हुए पहले वास्तविक किसानों का भुगतान करना चाहिए। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने श्रीजी वेयरहाउस में धान उपार्जन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसी जांच प्रक्रिया के चलते फिलहाल किसानों का भुगतान रोका गया है। सत्तापक्ष के वरिष्ठ विधायक द्वारा अपनी ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ पत्र लिखने और आंदोलन की चेतावनी देने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। यह पहला मौका नहीं है जब अजय विश्नोई ने सरकार में रहते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल खड़े किए हों।


