जबलपुर में पुलिस ने बजरंग दल की शौर्य यात्रा रोकी:प्रसाशन बोला- बिना अनुमति निकाल रहे थे यात्रा, 12 थाने की पुलिस मौके पर मौजूद

जबलपुर में मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा निकाली जा रही शौर्य यात्रा को पुलिस ने रोक दिया। यात्रा ग्वालपुर से निकल कर मोती नाला, मस्जिद मार्केट के रास्ते आगे बढ़ने वाली थी लेकिन पुलिस ने हितकारिणी स्कूल के पास यात्रा को रोक दी। आरोप है कि आयोजकों ने यात्रा निकालने से पहले प्रशासन से परमिशन नहीं ली थी। हितकारिणी स्कूल के अंदर जैसे ही विश्व हिंदू, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो, तभी विवाद की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने जबरन बैरिकेड को तोड़ते हुए बाहर निकलने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया। इस बीच पुलिस से कार्यकर्ताओं की जमकर झड़प भी हुई। कार्यकर्ताओं की जबरन शौर्य यात्रा निकालने की कोशिश कर रहे थे तो वही पुलिस उन्हें बलपूर्वक रोकते रही। करीब आधे घंटे तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प होती रही। हालांकि अब पुलिस के बताए रूट से ही यात्रा निकाली जा रही है। “जिस रूट से यात्रा निकाली जा रही, वह आपत्तिजनक, इसलिए रोका” पुलिस का कहना है कि, जिस मोती नाला रूट से शौर्य यात्रा निकाली जा रही थी, वहां पर आपत्ति है। इस वजह से उन्हें मना किया गया है। वहीं बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के आदेश को मानने से इनकार करते हुए कहा कि 30 सालों से यात्रा निकाली जा रही है, लेकिन कभी अनुमति की जरूरत नहीं पड़ी। यात्रा को रोकने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक थानों की पुलिस सहित तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। दरअसल, बीते 15 दिनों पहले भी बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने शौर्य यात्रा निकालने के लिए जिला प्रशासन से परमिशन मांगी थी। लेकिन किसी कारणवश उन्हें रोक दिया गया। पुलिस के बताए रूट पर निकल रही यात्रा विवाद की जानकारी लगते ही एसडीएम पंकज मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा मौके पर पहुंचे और बजरंग दल के पदाधिकारी से बात की। आखिरकार विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रूट बदलने को तैयार हुए और फिर पुलिस के साए में शौर्य यात्रा शुरू हुई। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता बिना अनुमति के शौर्य यात्रा निकालने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें जब रोका गया तो कुछ देर तक विवाद की स्थिति बनी रही बाद में इन्हें अनुमति दे दी गई है और अब पुलिस के बताए रूट से ही यात्रा निकाली जा रही है। जिला संयोजक बोले- पुलिस की बात नहीं मानी तो लाठी चार्ज कर देंगे विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक सुमित सिंह ठाकुर का कहना है कि 11 दिन पहले ही पुलिस प्रशासन को जानकारी दे दी गई थी। सभी रूट भी बता दिए गए थे लेकिन पुलिस ने ऐन वक्त पर उन रास्तों को बदलने की बात कही। सुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि आज ऐसा लग रहा है, जैसे की हमारे मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है। उन्होंने कहा कि यात्रा को जबरन पुलिस ने रोका और फिर उसका रूट बदल दिया। उनका कहना है कि पुलिस ने दबाव बनाते हुए हमारे रूट को बदला है और अब जैसा पुलिस बोलेगी हम वैसा करेंगे। अगर पुलिस की बात नहीं मानी जाती है तो यह लाठी चार्ज तक कर देते हैं। वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता चाह रहे थे ये रूट शौर्य यात्रा के लिए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हितकारिणी स्कूल दमोह नाका से छोटा फुहारा, गोहलपुर से वापस दमोह नाका से पुणे हितकारिणी स्कूल में ही यात्रा को संपन्न करने का रूट बनाया था। लेकिन पुलिस ने उसे बदल दिया। पुलिस ने बनाया ये रूट शौर्य यात्रा को लेकर पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद के रूट को बदल दिया। पुलिस ने जो नया रूट बनाया हुआ था वह हितकारिणी स्कूल से छोटा फुहारा, मिलोनीगंज, राजा रसगुल्ला होते हुए तमरहाई और फिर वापस छोटा फुहारा आकर स्कूल में यात्रा संपन्न होगी।

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