जबलपुर की 2 नई तहसीलें पोड़ा और कटंगी की नई बिल्डिंगों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इन तहसील कार्यालय की जमीन पर मौजूद अतिक्रमण कारियों को हटा दिया गया है। इन्हें प्रशासन ने नोटिस जारी किया था। जिनमें कुछ ने खुद ही कब्जा हटा लिया, जबकि कुछ के निर्माण को बुल्डोजर से जमींदोज कर दिया गया। जिले में पोड़ा और कटंगी तहसीलें बढ़ाने के बाद अब कुल तहसीलों की संख्या 12 हो गई हैं। दो नई तहसील बन जाने से इसमें करीब 200 गांव जुड़ जाएंगे। इतना ही नहीं कई किलोमीटर चलकर मझौली और पाटन जाने की समस्या से भी ग्रामीणों को निजात मिलेगी। पोढ़ा गांव बनी तहसील
जबलपुर में पहले मझौली और पाटन समेत 10 तहसीलें थीं। पोढ़ा तहसील बन जाने से 99 गांव के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। दरअसल, मझौली से पोड़ की दूरी करीब काफी है। करीब 50 किलोमीटर सिहोरा होते हुए ग्रामीणों को मझौली अपने काम के लिए जाना होता है। खास तौर पर महिलाएं और बच्चे सहित किसान परेशान होते थे। इसी तरह से कटंगी में रहने वाले 100 से ज्यादा गांव के ग्रामीणों को अब 20 किलोमीटर का सफर तय करते हुए पाटन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वर्तमान में पोड़ा तहसील में ललित ग्वालवंशी और कटंगी तहसील में राजेश कौशिक तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। कुछ ने खुद खाली किया घर, कुछ के जमींदोज
करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से बन रही पोढ़ा तहसील की जमीन पर 12 से 15 अवैध रूप से घर बन गए थे। जिला प्रशासन ने यहां रहने वाले सभी परिवार वालों को यह कहते हुए नोटिस भी जारी किया कि जहां पर घर बनाए गए, यह आबादी की जमीन नहीं है। नोटिस के बाद कुछ ग्रामीणों ने घर खाली कर दिया तो कुछ लोगों के घर बुलडोजर की मदद से जमींदोज किया है। ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद शर्मा और उनके परिवार वालों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने उर्मिला दाहिया के मकान में शिफ्ट किया है। पाेड़ा में ग्रामीणों को मिलेगी यह सुविधा
पोड़ा तहसीलदार ललित ग्वालवंशी ने बताया कि शासन की तरफ से पोढ़ा को नई तहसील बनाया है। इसके बन जाने से मुख्य रूप से भू-राजस्व से जुड़े काम जमीन की खरीद-बिक्री, रिकॉर्ड का रखरखाव, लगान वसूली और जमीनी विवादों को निपटाना आसानी से होंगे। साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी योजनाओं को लागू करने, जनगणना और प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कार्य और सर्टिफिकेट जारी हो सकेंगे। पोढ़ा के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को अब मझौली नहीं बल्कि नई तहसील से काम कराना होगा। पुरानी तहसीलों का काम होगा कम
विधायक अजय विश्नोई का कहना है कि पोड़ा और कटंगी नई तहसील की बिल्डिंग निर्माण का काम शुरू हो गया है। इनके बन जाने से दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों को राहत तो मिलेगी ही, इसके साथ ही पुरानी तहसील पाटन और मझौली यहां पर भी वर्क लोड कम होगा। प्रशासनिक अधिकारी अधिक से अधिक ग्रामीणों की समस्या का समाधान कर सकेंगे। अब जबलपुर में हैं 12 तहसील
जबलपुर जिले में 10 से बढ़कर 12 तहसील हो गई हैं। जिनमें जबलपुर, पनागर, पाटन, कुंडम, मझौली, सिहोरा, शहपुरा और बरगी प्रमुख नाम शामिल हैं, जो प्रशासनिक और राजस्व कार्यों के लिए जिले को विभाजित करते हैं।


