जबलपुर में रानीताल स्टेडियम परिसर में स्थित साईं हॉस्टल के छात्रों और क्रिकेट खेलने आए वकीलों के बीच जमकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और सैकड़ों की संख्या में लड़के यूथ हॉस्टल में घुस गए, जहां जमकर तोड़फोड़ की गई। इस घटना में कुछ अधिवक्ताओं और अन्य खिलाड़ियों को चोटें आई हैं। रविवार देर रात हुए इस झगड़े की सूचना मिलते ही लार्डगंज और ओमती थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। “सामने कोई आता तो मार डालते” यूथ हॉस्टल के मैनेजर आर.के. परिहार ने बताया कि रविवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच अचानक 100 से अधिक लड़के बेसबॉल और हॉकी लेकर हॉस्टल में घुस आए। सबसे पहले उन्होंने मेन गेट का ताला तोड़ा और फिर अंदर घुसकर जमकर उत्पात मचाया। करीब दो घंटे तक हाथों में हॉकी लेकर हॉस्टल के हर कमरे में घुसकर मारपीट की गई और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई। मैनेजर का कहना है कि जो भी उनके सामने आया, उस पर हमला किया गया। उन्होंने बताया कि यदि वे सामने आते तो उनकी जान भी जा सकती थी, क्योंकि सभी युवक गुस्से में थे। मैनेजर के अनुसार, लड़कों के साथ कुछ वकीलों का एक समूह भी था, जिन्होंने तोड़फोड़ में हिस्सा लिया। अधिवक्ताओं का पक्ष अधिवक्ता सम्पूर्ण तिवारी ने बताया कि जिला अधिवक्ता संघ और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में रानीताल मैदान में क्रिकेट लीग मैच आयोजित किए जा रहे हैं। रविवार रात जब अधिवक्ता अंशुल पटेल स्टेडियम से बाहर आ रहे थे, तब साईं हॉस्टल में मौजूद कुछ लड़के, जो कथित रूप से शराब पी रहे थे, उनसे मारपीट करने लगे। उन्होंने बताया कि इस घटना में दो अधिवक्ताओं को चोटें आई हैं। अंशुल पटेल से 2,000 रुपए भी छीने गए। आरोप है कि उनका सिर कार पर पटक कर मारा गया। अधिवक्ता तिवारी ने कहा कि बाहर के विद्यार्थियों को बुलाकर इस तरह की घटना कराना हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि मारपीट करने वालों की पहचान कर ली गई है और पहचान संबंधी रिपोर्ट पुलिस को दी गई है। अधिवक्ताओं पर लगे मारपीट के आरोपों को लेकर उनका कहना है कि भीड़ में कौन घुसा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है, क्योंकि उस समय सभी वकील लार्डगंज थाने में मौजूद थे। मामले की जांच की जा रही घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता ने बताया कि साईं हॉस्टल के कुछ छात्रों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हुआ है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।


