कोल्डड्रिफ कफ सिरप पीने से छिंदवाड़ा और बैतूल जिले में 25 बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी ने हाईकोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा है। डॉ. सोनी ने दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया है कि बच्चों की मौत उसी सॉल्वेंट से हुई है, जो श्रीसन फार्मा कंपनी ने बैच नंबर 13 में मिलाया था। उन्होंने कहा अगर औषधि विभाग उस बैच की जांच करता तो बच्चों की मौत नहीं होती। डाॅ. सोनी की ओर से यह भी कहा गया कि वह पिछले 20 सालों से यह दवा लिख रहे हैं, लेकिन कभी भी उसका रिएक्शन सामने नहीं आया, उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा की गई गलती की सजा वह भुगत रहे हैं। जस्टिस प्रमोद अग्रवाल की अदालत ने डॉ. सोनी की जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई के निर्देश दिए हैं। छिंदवाड़ा के परासिया में रहने वाले शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को परासिया पुलिस ने 5 अक्टूबर को 25 बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार किया था। इन बच्चों को डाॅ. सोनी ने ही कफ सिरप लिखा था। जमानत अर्जी खारिज कर दी थी परासिया के जज गौतम कुमार गुजरे की कोर्ट ने 8 अक्टूबर 2025 को डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। डॉ. प्रवीण सोनी अभी भी जेल में हैं। पुलिस ने डॉ. सोनी की पत्नी ज्योति सोनी को गिरफ्तार किया है, जिसके नाम पर वह मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा था, जहां से कोल्ड ड्रिंक सिरप बेचे गए थे। डाॅ. सोनी की ओर से सीनियर एडवोकेट शशांक शेखर व एडवोकेट समरेश कटारे और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी हाजिर हुए।


