पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए चल रही “युद्ध नशे विरुद्ध” मुहिम में हर पंजाबी से जनभागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा, जब तक नशे का जड़ से खात्मा नहीं हो जाता। उन्होंने नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए चल रही बुलडोजर मुहिम को और तेज करने की घोषणा की। यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनन है और नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए जरूरी है। नारंगवाल जैसे गांव, जो कभी खेलों के लिए प्रसिद्ध थे, अब नशा विरोधी अभियान का केंद्र बन गए हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि अकाली दल और कांग्रेस ने नशे के कारोबार को पनपने का मौका दिया। मान ने आरोप लगाया कि अकालियों ने तस्कर बनाए और कांग्रेस ने उन्हें संरक्षण दिया। नशे के विरुद्ध जंग में नारंगवाल का समर्थन.. युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर मुख्यमंत्री ने इस अभियान में महिलाओं की भूमिका को सराहते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी से यह बुराई जल्दी खत्म होगी। अब तक 54 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिससे वे पंजाब के विकास में योगदान दे रहे हैं। मान ने विश्वास जताया कि सरकार की कोशिशों से रंगला पंजाब का सपना जल्द साकार होगा और राज्य वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बनाएगा।


