भास्कर न्यूज| चाईबासा एनएच-75 व आरओबी निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों ने अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा के बैनर तले आदिवासी जमीन मालिक शुक्रवार को बिष्टुमपुर से इलीगड़ा तक पदयात्रा की। जिसका नेतृत्व केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा, जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया व जिला उपाध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल सह जिला परिषद सदस्य ने किया। इलीगड़ा गांव में बैठक कर आदिवासी जमीन मालिक जो एनएच-75 सड़क पर आरओबी निर्माण के लिए बिना ग्रामसभा किए, जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध किया गया। बैठक में जमीन मालिकों ने कहा कि आज ये सड़क निर्माण में भारी अनियमितता बरतने के कारण काफी परेशानी हो रही है। अधूरी सड़क निर्माण के कारण धूल से पिछले दो सालों से परेशानी हो रही है। लेकिन जिला प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आरओबी निर्माण के लिए लोगों का कहना है कि सरकार सड़क के ऊपर या नीचे से निर्माण करे। इसके लिए पूरा समर्थन दिया जाएगा। लेकिन गांव के बीचो-बीच अगर जमीन लेकर बनाने की कोशिश होगी तो इसका विरोध किया जाएगा। केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने जमीन मालिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संगठन हमेशा से एनएच-75 सड़क निर्माण के लिए समर्थन करते आ रहा है। लेकिन जिस तरह से आरओबी निर्माण के लिए बिना ग्रामसभा कर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। यह कृत्य आदिवासी इलाकों के नियम विरूद्ध है। केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि आरओबी निर्माण में जमीन का अधिग्रहण न हो। अजमीन का मुआवजा दिल्ली (नोएडा) की तर्ज पर दिलाया जाए। जमीन ही आदिवासी की अंतिम पूंजी है। आदिवासियों ने अपने जमीन को लेकर ही अंग्रेजों से संघर्ष किया। बैठक में तय हुआ कि 25 फरवरी को जिला उपायुक्त के समक्ष नंग-धड़ंग प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।


