बारां जिले के समरानियां गांव में सोमवार को जमीन विवाद को लेकर एक परिवार के चार सदस्य सिविल लाइन स्थित बंद पानी की टंकी पर चढ़ गए। परिवार अपनी खाते की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर शाम से देर रात तक विरोध प्रदर्शन करता रहा। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन परिवार नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। ये है पूरा मामला समरानियां निवासी बाबूलाल, उनकी बेटी सविता, भाई अमृतलाल और उनकी पत्नी ने आरोप लगाया कि उनकी खाते की जमीन पर दूसरी पार्टी ने कब्जा कर लिया है। परिजनों का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद आरोपी पक्ष रात के समय पत्थर, रेत डालकर निर्माण कार्य कर रहा है। कई बार शिकायत, धरना व ज्ञापन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और केवल झूठे आश्वासन दिए गए। शाम से रात तक प्रशासनिक समझाइश देर शाम एसडीएम मौके पर पहुंचे और परिवार को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे टंकी से नीचे नहीं उतरे। इसके बाद देर रात कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर और एसपी अभिषेक अंदासु भी पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार से बातचीत करते हुए लिखित आश्वासन दिया कि सेटलमेंट विभाग की टीम बुलाकर जमीन की पैमाइश और सीमाज्ञान कराया जाएगा। अतिक्रमण पाया गया तो हटाकर भूमि वापस दिलाई जाएगी। सरकारी जमीन पर किसी पक्ष द्वारा किया अतिक्रमण भी हटाया जाएगा। लिखित आश्वासन पर शांत हुआ विरोध आश्वासन मिलने पर परिवार नीचे उतरने को राजी हुआ। पुलिस और सिविल डिफेंस टीम ने उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा और स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।


