बोकारो के बहुचर्चित जयंत सिंह हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर शनिवार को सर्व समाज के लोगों ने नगर सेवा भवन के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि हत्याकांड के मुख्य आरोपी विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी द्वारा किए गए अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त किया जाए और आरोपी को फांसी की सजा दी जाए। प्रशासन से जल्द और ठोस कार्रवाई की मांग भूख हड़ताल में शामिल मृतक जयंत सिंह की पत्नी अमृता सिंह ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वह भूख हड़ताल पर बैठी रहूंगी। उन्होंने प्रशासन से जल्द और ठोस कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस अवैध निर्माण को लोग “टॉर्चर सेंटर” के रूप में जानते हैं। भूख हड़ताल पर बैठे सर्व समाज के प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि जिला प्रशासन और बीएसएल नगर प्रशासन, दोनों ही अपराधी के दबाव में काम कर रहे हैं। डीसी ने अवैध कब्जा तोड़ने का आश्वासन दिया था: जितेंद्र सिंह जितेंद्र सिंह ने बताया कि बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने 15 दिनों के भीतर विनोद खोपड़ी का अवैध कब्जा तोड़ने का आश्वासन दिया था। हालांकि, समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब जिला प्रशासन बीएसएल पर जिम्मेदारी डाल रहा है, जबकि बीएसएल का कहना है कि जिला प्रशासन के निर्देश मिलते ही अवैध कब्जा हटाया जा सकता है। यह अवैध निर्माण बीएसएल की जमीन पर ही बना हुआ है। इस दौरान चास एसडीएम प्रांजल डंडा ने आंदोलनकारियों से टू-टेंक गार्डन में धरना देने का आग्रह किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे अस्वीकार कर दिया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि वे नगर सेवा भवन के सामने ही धरना देंगे, ताकि उनकी आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचे। मुख्य आरोपी विनोद खोपड़ी सहित सात आरोपी जेल में हैं गौरतलब है कि जयंत सिंह की हत्या 10 दिसंबर को की गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद खोपड़ी सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बावजूद अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है। सर्व समाज ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।


