जयपुर एयरपोर्ट पर 30 मार्च से फ्लाइट संचालन में बड़ा बदलाव किया जाएगा। एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 30 मार्च से रनवे रिकार्पेटिंग का काम शुरू होगा। विमान संचालन को बेहतर बनाने के लिए रनवे स्ट्रैंथनिंग का काम किया जाएगा। इस दौरान 90 दिनों के लिए जयपुर एयरपोर्ट पर रनवे नोटम रहेगा। रोज सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक रिकार्पेटिंग कार्य किया जाएगा। ऐसे में दिन में 8:30 घंटे तक फ्लाइट्स का संचालन नहीं होगा। अभी एयरपोर्ट पर रनवे 3407 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है, लेकिन अब रनवे के दोनों तरफ 15 मीटर अतिरिक्त शोल्डर स्पेस बनाया जाएगा। तकनीकी मानकों के अनुरूप रनवे स्ट्रैंथनिंग का कार्य किया जाएगा। कुल 2.04 लाख वर्गमीटर क्षेत्र पर रिकार्पेटिंग का काम होना है। गौरतलब है कि एयरपोर्ट पर 3065 मीटर लंबाई में समानांतर टैक्सी-वे बनाया गया है। इससे विमानों के टेक ऑफ और लैंडिंग में समय की बचत हो रही है। सुबह 9:30 से 6 बजे तक जारी रहेगा नोटम एयरपोर्ट पर 30 मार्च से फ्लाइट संचालन घट सकता है। फिलहाल रोज औसतन 74 फ्लाइट्स संचालित हैं। अब 30 मार्च से 30 जून तक रनवे रिकार्पेटिंग के काम की वजह से सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक फ्लाइट संचालन नहीं होगा। इस अवधि में 28 फ्लाइट्स संचालित होती हैं। हालांकि सीएओ विष्णु मोहन झा विभिन्न एयरलाइंस के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो काफी फ्लाइट्स को जल्दी सुबह या रात के स्लॉट में एडजस्ट किया जाएगा, लेकिन फिर भी करीब 10 से अधिक फ्लाइट का संचालन बंद किया जा सकता है। नया रैपिड एग्जिट टैक्सी-वे बनाया जाएगा एयरपोर्ट की ग्राउंड लाइटिंग को हैलोजन से एलईडी में बदला जाएगा। नए रैपिड एग्जिट टैक्सी-वे भी बनाया जाएगा। टर्मिनल-1 के एप्रन को जोड़ने के लिए लिंक टैक्सी-वे बनेगा।


