जयपुर की आबोहवा और भविष्य की पीढ़ियों के हक में बुधवार रात शहर की सड़कों पर Gen-Z युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा। अरावली पर्वतमाला को बचाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में युवा हाथों में मशालें लेकर सड़क पर उतरे और पर्यावरण विरोधी फैसलों के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया। रामबाग सर्किल से लेकर अमर जवान ज्योति तक निकाले गए मशाल जुलूस में युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने प्रतीकात्मक रूप से सरकारी आदेशों की कॉपी जलाकर अपना विरोध जताया। इसके साथ ही नकली नोट हवा में उड़ाकर यह संदेश दिया कि पैसों के लालच में प्रकृति का सौदा अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल Gen-Z कार्यकर्ता कार्तिकेय भारद्वाज ने कहा कि अब जयपुर के युवाओं के जागने का समय आ चुका है। उन्होंने कहा कि ढोल का बाग पहले ही नष्ट किया जा चुका है। अब अरावली पर्वतमाला को निशाना बनाया जा रहा है। यह सीधे तौर पर जयपुरवासियों के स्वच्छ हवा में सांस लेने के अधिकार पर हमला है। कार्तिकेय ने कहा कि प्रदूषण, खनन और अंधाधुंध कटाई के नाम पर आने वाली पीढ़ियों और परिवारों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं है, यह जयपुर की लाइफलाइन है। अगर इसे नुकसान पहुंचा तो इसकी भारी कीमत हमारी आने वाली पीढ़ियों को चुकानी पड़ेगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अरावली पर्वतमाला जयपुर के पर्यावरण संतुलन, भूजल स्तर और वायु गुणवत्ता के लिए बेहद अहम है। इसके बावजूद लगातार विकास के नाम पर पहाड़ियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो शहर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। Gen-Z युवाओं ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अरावली के खिलाफ किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं रुकीं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। युवाओं का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि जयपुर की सांसों और भविष्य को बचाने की लड़ाई है।


