जयपुर के कई इलाकों में तूफानी बारिश:कोटा समेत 12 जिलों में कल बरसात का येलो अलर्ट; श्रीगंगानगर में पारा 37 डिग्री के पार

मानसून की विदाई के बाद से राजस्थान के कई जिलों में बारिश का एक और दौर शुरू हो गया है। राजधानी जयपुर में गुरुवार को शाम 7 बजे बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। जयपुर में पिछले 3 दिनों से लगातार बरसात हो रही है। सीकर जिले के श्रीमाधोपुर में रात 8:40 बजे आकाशीय बिजली की गड़गड़ाहट के साथ तेज बारिश शुरू हुई, जो 30 मिनट तक जारी रही। इसके बाद भी रात 10 बजे तक रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी होती रही। इसके अलावा करौली, अलवर, धौलपुर समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई। इधर, जालोर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर समेत कई जिलों में देर शाम बादल छाए। मौसम केंद्र जयपुर ने 3 अक्टूबर को बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद और सिरोही जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में 6 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के असर से बीकानेर, जोधपुर संभाग के एरिया में 5 और 6 अक्टूबर को तेज आंधी चलने के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में करौली में 6MM बरसात
पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट देखें तो अलवर में 5MM, अलवर के गोविंदगढ़ में 4MM, धौलपुर के राजाखेड़ा में 5MM, धौलपुर शहर में 4MM, करौली में 6MM, नागौर में 2.5MM, जोधपुर में 1.4MM बरसात दर्ज हुई। इधर जयपुर, दौसा, गंगानगर, बीकानेर समेत अन्य कुछ शहरों में भी हल्की बारिश हुई। इससे पहले जयपुर, अलवर, भरतपुर समेत कई शहरों में आसमान में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट रही। श्रीगंगानगर में पारा 37 डिग्री के पार
गुरुवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री के पार पहुंच गया। यहां अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू, बीकानेर, जैसलमेर में 36-36 डिग्री, जोधपुर में 33.9 डिग्री, बाड़मेर में 35.4 डिग्री, पिलानी में 35.8 डिग्री, सीकर में 33.5 डिग्री, कोटा में 33.8 डिग्री, अलवर में 35 डिग्री, भीलवाड़ा में 33.8 डिग्री, अजमेर में 32.8 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 35 डिग्री, उदयपुर में 31.6 डिग्री, जयपुर में 32 डिग्री, हनुमानगढ़ में 35.7 डिग्री और जालोर में 33.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। क्यों जारी है बारिश
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- अरब सागर में गुजरात तट के पास एक वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम बना हुआ है, जिससे राजस्थान को पर्याप्त मोइश्चर मिल रहा है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना है, जहां से एक ट्रफ गुजर रही है, जो अरब सागर तक जा रही है। इस सिस्टम के असर से राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी, उत्तरी और उत्तर-पूर्वी जिलों में बारिश का दौर जारी है। 4 अक्टूबर से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत पर एक्टिव होगा, जिसके असर से राजस्थान समेत उत्तरी भारत के राज्यों में बारिश का दौर चलेगा। वहीं इस सिस्टम के असर से ही राजस्थान के पश्चिमी और उत्तरी जिलों में 5-6 अक्टूबर को तूफानी बारिश भी देखने को मिल सकती है।

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