मलमास के समाप्त होते ही नए साल 2025 का पहला सावा गुरुवार को रहा। शहर में सैकड़ों के संख्या में विवाह कार्यक्रम हुए। विवाह स्थलों में शहनाई गूंजी। वहीं 16 साल पहले जयपुर में 2008 के सीरियल बम ब्लास्ट की पीड़िता मुस्कान तंवर के जीवन में खुशियों की नई सुबह आई। मुस्कान तंवर गुरुवार को देवराज सिंह के साथ परिणय सूत्र में बंध गई। आमेर कुंडा स्थित रोशन हवेली में धूमधाम से विवाह सम्पन्न हुआ।परिवार और रिश्तेदारों के अलावा राजनीतिक हस्तियों ने भी वर-वधु को आशिर्वाद दिया। राज्यपाल सहित कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की बम धमाकों में पिता को खो देने वाली नाड़ी का फाटक, मुरलीपुरा निवासी मुस्कान की शादी का पूरा जिम्मा सर्व मंगल सेवा समिति और राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा ने उठाया है। 16 जनवरी को दिल्ली रोड स्थित रोशन हवेली में होने वाली शादी में राज्यपाल सहित कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद एम.कॉम तक की पढ़ाई पूरी करने वाली मुस्कान के लिए यह क्षण बेहद खास है। 2008 के बम धमाकों में 71 लोगों की जान गई थी 2008 के बम धमाकों में 71 लोगों की जान गई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे। मुस्कान के पिता घनश्याम सिंह तंवर की मृत्यु सांगानेरी गेट के बालाजी मंदिर के पास हुए धमाके में हुई थी। उनकी मां जतना तंवर ने बताया कि बेटी की सगाई तो कर दी थी, लेकिन शादी की तैयारियों के लिए आर्थिक संकट था। बालाजी मंदिर में प्रार्थना के दौरान पुजारी से इन समाजसेवी संगठनों की जानकारी मिली। 9 पीड़ित बेटियों की शादी सर्व मंगल सेवा समिति के अध्यक्ष रवि नैय्यर और महासभा के महामंत्री संजीव नारंग के नेतृत्व में दोनों संस्थाएं अब तक 9 पीड़ित बेटियों की शादी करवा चुकी हैं। मुस्कान इस श्रृंखला में 10वीं बेटी हैं। संस्था ने मुस्कान की शादी की सभी तैयारियां उसकी पसंद के अनुसार की हैं, जिसमें कपड़ों से लेकर गहनों तक की खरीद शामिल है। इन अतिथियों ने की समारोह में शिरकत मुस्कान के विवाह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, विधायक कालीचरण सराफ, स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज, गोपाल शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से निंबाराम, सेवा भारती से मूलचंद, कैलाश, राजपूत समाज से महिपाल मकराना, राजस्थान सिख समाज अध्यक्ष सरदार अजय पाल सिंह, जयपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष ललित सिंह सांचौरा सहित अन्य अतिधियों ने शिरकत की। जयपुर बम धमाके 2008 13 मई 2008 को जयपुर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे सांगानेरी गेट, बाड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार और हवामहल के आसपास 8 सीरियल बम धमाके हुए थे। ये लगभग शाम 7:20 बजे से 7:45 बजे के बीच (लगभग 15 मिनट में) के समय में हुए। प्रत्येक बम में साइकिलों पर लगाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का उपयोग किया गया। इन बम धमाकों में लगभग 71 लोगों की मृत्यु हो गई और 180 से अधिक लोग घायल हुए। धमाकों के पीछे आतंकी संगठन सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) और इंडियन मुजाहिदीन पर शक जताया गया। यह धमाके जयपुर जैसे शांत शहर के लिए बड़ी त्रासदी थे, जिनका उद्देश्य सांप्रदायिक सौहार्द्र को तोड़ना और भय का वातावरण बनाना था। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कठोर कर दी गई और आतंकवाद के विरुद्ध कठोर कदम उठाने की मांग उठी।


