नागौर में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम:गांव-ढाणी के अंतिम व्यक्ति को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की कवायद

नागौर में उल्लास अभियान के तहत नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के क्रम में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और ब्लॉक साक्षरता कॉर्डिनेटर का जिला स्तरीय एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। जिला मुख्यालय स्थित रतन बहन गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण की शुरुआत में जिला साक्षरता व सतत शिक्षा अधिकारी अर्जुनराम लोमरोड़ ने स्वयंसेवी शिक्षकों के उपयोगी प्रशिक्षण की कार्य योजना बताई और महत्वपूर्ण घटकों व पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य ब्लॉक कोऑर्डिनेटर चंपालाल कुमावत ने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के 5 आयामों, बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान, महत्त्वपूर्ण जीवन कौशल, बुनियादी शिक्षा, व्यवसायिक कौशल विकास और सतत शिक्षा के बारे में बताया। जिला स्तरीय प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को बुनियादी साक्षरता परीक्षा की रजिस्ट्रेशन-कम-अवॉर्ड शीट तैयार करने के लिए 45 कॉलम की एक्सल शीट बनाने तथा उसकी जांच करने के बारे में पीपीटी के जरिए बताया गया। सहायक परियोजना अधिकारी रामनिवास रॉयल और उप प्राचार्य लक्ष्मण शर्मा ने स्वयंसेवी शिक्षकों के लिए महत्त्वपूर्ण विषयों को पीपीटी के जरिए समझाया। प्रशिक्षण सत्र में कुचामन सिटी की नवसाक्षर शांति देवी को माला पहनाकर सम्मानित किया गया। शांति देवी ने निरक्षर से 10वीं कक्षा तक पहुंचने की पूरी यात्रा बताई। जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीडीईओ हनुमान सहाय परबतसर, मेड़ता गोविंद राम बेड़ा मेड़ता, हेमंत कुमार मिश्रा भैरुंदा, प्रहलाद नारायणियां नावां, महबूब खान नागौर, मानाराम पचार मूंडवा, ब्लॉक साक्षरता कोऑर्डिनेटर बहादुर खिलेरी खींवसर, ओमप्रकाश छाबा नागौर, श्रीपाल गोदारा मूंडवा मौजूद रहे।

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