जयपुर में चांदपोल गेट के पास परकोटा क्षेत्र में एक बिल्डिंग में छत निर्माण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। मामले में दो विधायक भी आमने-सामने हो गए। चांदपोल गेट में सब्जी मंडी के पास छत निर्माण के विरोध में विधायक बालमुकुंदाचार्य अपने समर्थकों के साथ रविवार सुबह 11 बजे पहुंचे। समर्थकों ने विरोध में नारे लगाए। वहीं सूचना पर स्थानीय विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंच गए। इस मौके पर कागजी ने कहा- मैंने मंदिरों के काम करवाए, तब आप नहीं आए। तब आपको परकोटा नहीं दिखा। तब कहां थे महाराज। शर्म नहीं आती क्या? वहीं जयपुर नॉर्थ पुलिस ने माहौल बिगड़ने की संभावना पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया। विधायक अमीन कागजी ने मामले में जयपुर कमिश्नरेट में शिकायत दी है। पहले देखें PHOTOS परकोटा क्षेत्र में बिल्डिंग की छत निर्माण पर भिड़े दो पक्ष एडि. डीसीपी (नॉर्थ) बजरंग सिंह ने बताया- संजय सर्किल स्थित सब्जी मंडी परकोटा क्षेत्र में एक भवन में निर्माण चल रहा है। नगर निगम ने इस भवन की छत निर्माण का वर्कऑर्डर जारी किया है। रविवार सुबह करीब 11 बजे छत निर्माण की बात को लेकर दो पक्षों का आपस में विरोध हुआ। निर्माण रोकने वाले पक्ष ने कहा- परकोटा के पास इस प्रकार से निर्माण नहीं हो सकता। जबकि दूसरे पक्ष ने कहा- निर्माण काम को अवैध बताकर रोका जा रहा है। दो पक्षों के आमने-सामने होने की सूचना पर पुलिस आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को अलग-अलग किया गया। माहौल बिगड़ने की संभावना को देखते हुए एहतियात के तौर पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। वर्कऑर्डर सही है या नहीं, पुलिस की ओर से इसकी समीक्षा की जा रही है। विधायक बालमुकुंदाचार्य के साथ आए थे समर्थक
परकोटा क्षेत्र में छत निर्माण को लेकर विधायक बालमुकुंदाचार्य के साथ आए समर्थकों ने नारे लगाए। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने भी नारेबाजी करना शुरू कर दिया। सूचना पर स्थानीय विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंच गए। माहौल गर्माने की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने समझाइश कर मामले को शांत किया। अमीन कागजी बोले- शहर में आकर लोगों को परेशान करते हैं विधायक
विधायक अमीन कागजी ने कहा- 30 जनवरी को इसका वर्क ऑर्डर हुआ था। तब से काम चल रहा है। काम शुरू हुए इतने दिन हो गए। एक विधायक आकर झूठी-झूठी बात करते हैं। क्यों शहर को परेशान कर रहे हो। सुकून से काम हो रहा है, करने दो। कागजी ने बताया- मैंने मंदिरों के काम करवाए, तब आप नहीं आए। तब आपको परकोटा नहीं दिखा। तब आपको वह मंदिर नहीं दिखा, जो मैंने बनवाया था। तब कहां थे महाराज। शर्म नहीं आती क्या? ऐसे आकर शहर में लोगों को परेशान करते हैं।


