जयपुर के भांकरोटा इलाके में डीपीएस कट पर यू-टर्न पर एक बार फिर हादसा हुआ। कोयले से भरा एक ट्रेलर शनिवार शाम यू-टर्न लेते समय पलट गया। ट्रेलर पलटने से हाईवे पर कोयले की बोरियां बिखर गई। भांकरोटा थाना पुलिस सूचना पर मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रेलर को सीधा करवाकर साइड में लगवाया। कोयले की बोरियों को हटवाकर ट्रैफिक को चालू कराया। हादसे में किसी के हताहत होने की बात से इनकार किया है। एसीपी (बगरू) हेमेंद्र शर्मा ने बताया कि हाईवे पर पलटने वाले ट्रेलर में कोयले की बोरियां भरी हुई थी। शाम करीब 5:30 बजे कोयला लेकर ट्रेलर हाईवे पर डीपीएस कट से यू-टर्न लेते समय अचानक पलटी खा गया। ट्रेलर के पलटने से उसमें रखी कोयले की बोरिया हाईवे पर गिर गई। हादसे में ट्रेलर ड्राइवर को हल्की चोट आई है। एक्सीडेंट की सूचना पर भांकरोटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रेलर को सीधा करवाकर साइड में खड़ा कराया। हाईवे पर पड़ी कोयले की बोरियों को हटवाकर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बाधित ट्रैफिक को चालू करवाया। 20 दिसंबर को LPG से भरे टैंकर को ट्रक ने मारी थी टक्कर 20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने एक ट्रक ने एलपीजी टैंकर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद टैंकर में आग लग गई जिससे आसपास के 20 से ज्यादा वाहन जलकर राख हो गए। यह घटना सुबह करीब 5:30 बजे भांकरोटा के पास एक पेट्रोल पंप के पास हुई। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं जिससे इलाके में दहशत फैल गई। 20 लोगों की हुई थी मौत 20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुई घटना में 27 लोग 80 फीसदी तक झुलस गए थे। इनमें सबसे अधिक संख्या 50 से 55 फीसदी तक झुलसे लोगों की थी। इस हादसे में 4 लोग तो मौके पर ही जिंदा जल गए थे। 8 लोगों ने उसी दिन सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ा था। 1 की मौत जयपुरिया हॉस्पिटल में हुई थी। हादसा इतना भीषण था कि 5 शवों की पहचान डीएनए सैंपल से की गई। इनमें पूर्व आईएएस करणी सिंह भी शामिल थे। हादसे के बाद आठ दिन में कुल 20 लोगों ने दम तोड़ दिया था। इस घटना में घायल लोगों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। डॉक्टर्स का कहना था कि डीप बर्न के कारण बहुत से लोगों के हेल्दी टिश्यू जल गए हैं। कई पीड़ितों के लीवर-किडनी पर भी असर हुआ। इसका प्रभाव लंबे समय तक रह सकता है।


