जयपुर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल हथियारों का प्रदर्शन:सेना के लाइव ऑपरेशन डेमोंस्ट्रेशन ने खींचा ध्यान, ड्रोन अटैक और टैंक ऑपरेशन का लाइव प्रदर्शन

15 जनवरी को जयपुर में 78वां आर्मी डे मनाया जाएगा। यह पहला मौका है जब आर्मी डे पर होने वाली मुख्य परेड सैन्य छावनी से बाहर आम लोगों के बीच सड़कों पर आयोजित की जा रही है। महल रोड, जगतपुरा पर 1 जनवरी से लगातार इसकी रिहर्सल चल रही है, जिसे आमजन भी देख सकेंगे। आर्मी डे से जुड़े कार्यक्रमों की कड़ी में गुरुवार, 8 जनवरी को सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन संस्थान में ‘Know Your Army’ यानी ‘अपनी सेना को जानें’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। दोपहर 2 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। कार्यक्रम में भारतीय सेना के आधुनिक हथियारों, सैन्य उपकरणों और युद्ध के दौरान इस्तेमाल होने वाली तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में सेना की ओर से ब्रिगेडियर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद सेना ने लाइव ऑपरेशन डेमोंस्ट्रेशन के जरिए बताया कि किसी आपात स्थिति में सेना किस तरह कार्रवाई करती है। डेमोंस्ट्रेशन में एक काल्पनिक सीन दिखाया गया, जिसमें वीआईपी को आतंकवादियों ने घेर लिया है। सूचना मिलते ही सेना के जवान अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हेलीकॉप्टर के जरिए मौके पर पहुंचते हैं। डेमोंस्ट्रेशन के दौरान दिखाया गया कि कैसे रस्सी के सहारे जवान हेलीकॉप्टर से नीचे उतरते हैं और इलाके में तैनाती लेते हैं। रोबोटिक डॉग और अलग-अलग इक्विपमेंट के जरिए पहले लोकेशन ट्रेस की जाती है और अंदर की स्थिति की जानकारी जुटाई जाती है। जवान टीले और कवर की आड़ लेकर अपनी पोजीशन संभाले रहते हैं। इसके बाद सेना के स्नाइपर ने सटीक निशाना लगाते हुए एक आतंकवादी को ढेर किया। नैनो ड्रोन की मदद से घर के अंदर छुपे आतंकवादियों की लोकेशन ट्रेस की गई। जवान गेट तक पहुंचे और तेज आवाज वाला ब्लास्ट कर आतंकवादियों को भ्रमित किया, ताकि वे घबरा जाएं। इसके तुरंत बाद जवान अंदर घुसते हैं और वीआईपी को सुरक्षित बाहर निकालते हैं। डेमोंस्ट्रेशन में आगे दिखाया गया कि बाहर पहले से तैनात दूसरी टुकड़ी को इशारा कर वीआईपी को व्हीकल में बैठाया जाता है और सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाता है। इसी दौरान एक आतंकवादी दूसरी दिशा से भागने की कोशिश करता है, जिसे सेना के डॉग ने पकड़ लिया। इसके बाद जवानों ने आतंकवादी को काबू में लेकर अरेस्ट किया। ड्रोन अटैक और टैंक ऑपरेशन का लाइव प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान दूसरा लाइव डेमोंस्ट्रेशन ड्रोन अटैक पर आधारित रहा। इसमें दिखाया गया कि किस तरह दुश्मन के ठिकानों को पहले ड्रोन की मदद से टारगेट किया जाता है। ड्रोन से सटीक अटैक के बाद टैंक यूनिट को एक्टिव किया गया। टैंकों ने आगे बढ़ते हुए दुश्मन के बंकरों पर फायर किया और उन्हें ध्वस्त कर दिया। डेमोंस्ट्रेशन में आगे दिखाया गया कि बंकर तबाह होने के बाद दूसरी टैंक यूनिट मौके पर पहुंचती है। टैंकों से जवान बाहर निकलते हैं और इलाके को कवर करते हुए आगे बढ़ते हैं। इसके बाद सेना के जवानों ने बचे हुए दुश्मन के बंकरों को पूरी तरह नष्ट कर इलाके को अपने कब्जे में ले लिया। ऑपरेशन पूरा होने के बाद मौके पर तिरंगा झंडा फहराया गया, जिससे पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। स्पेशल आर्मी डॉग्स का ड्रिल शो डेमोंस्ट्रेशन के बाद भारतीय सेना के स्पेशल डॉग्स ने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद आर्मी डॉग्स का स्पेशल ड्रिल शो आयोजित किया गया। इस दौरान डॉग्स अपने इंस्ट्रक्टर के इशारों पर अलग-अलग मूवमेंट करते नजर आए। ड्रिल में उनकी ट्रेनिंग, अनुशासन और ऑपरेशन के दौरान निभाई जाने वाली भूमिका को दिखाया गया, जिसे देखकर मौजूद लोग काफी प्रभावित हुए। भारतीय सेना की कार्यशैली, तकनीक और तैयारी को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भवानी निकेतन कॉलेज ग्राउंड में ‘अपनी सेना को जानें’ प्रदर्शनी भी शुरू की गई है। यह प्रदर्शनी पांच दिन तक चलेगी। इसमें मिसाइल, ड्रोन, आर्मी टैंक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल हुए हथियारों को सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक देखा जा सकेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीजीपी राजीव शर्मा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत और स्वायत्त शासन मंत्री झावर सिंह खर्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *