जयपुर में नकली धोषित हो चुकी दवाओं का स्टॉक मिला:3.73 करोड़ की दवाइयां जब्त, पाटर्नरशिप अलग होने पर नहीं लिया था दूसरा लाइसेंस

ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीम ने जयपुर में एक फर्म पर कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ 73 लाख रुपए की दवाएं जब्त की है। जब्त की गई दवाओं में अधिकांश दवाएं ऐसी हैं, जो पिछले कुछ माह में नकली और गैर-मानक घोषित की गई थी। इसके अलावा जिस नाम से ये दवा बेचने वाली फर्म चल रही थी, उसके पाटर्नर पहले ही अलग हो चुके थे। नियम के मुताबिक फर्म की संरचना बदलने पर लाइसेंस नए सिरे से लेना पड़ता है। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया- यह फर्म नकली एवं गैर-मानक घोषित दवाओं विनसेट-एल और एल्गीविन-एम की बिक्री में संलिप्त पाई गई है। जो वाईएल फार्मा (हिमाचल प्रदेश) के जरिए बनाई गई है। किसी प्रकार का लाइसेंस प्राप्त नहीं किया गया जांच के दौरान फर्म के एक पूर्व भागीदार गिरिराज अजमेरा ने बताया- उन्होंने साल 2019 में जीके. एंटरप्राइजेज से अपनी भागीदारी छोड़ दी थी। मेडिसिन एवं कॉस्मेटिक एक्ट के मुताबिक फर्म की संरचना (Constitution) में परिवर्तन होने पर 3 माह के अंदर नया लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होता है। किंतु शेष भागीदार खेमचंद ने अब तक किसी प्रकार का लाइसेंस प्राप्त नहीं किया गया।

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