जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में नवजातों के बदलने के विवाद में डीएनए रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में सामने आया कि बेटी पीपाड़ निवासी ममता पत्नी राकेश नागौरा की है, जबकि बेटा खारड़ा रणधीर निवासी विमला पत्नी अशोक का है। शुक्रवार सुबह जोधपुर से सैंपल भेजे गए थे, शनिवार दोपहर 12:30 बजे रिपोर्ट शास्त्री नगर एसएचओ को मिली। एफएसएल निदेशक डॉ. अजय शर्मा के मुताबिक एफटीए पर ब्लड सैंपल की जांच से बच्ची के असली माता-पिता की पुष्टि हुई। अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने कहा- रिकॉर्ड में शुरू से सही था, टैगिंग में स्टाफ की चूक हुई। माता-पिता तक पहुंचे अपने-अपने बच्चे बता दें कि बुधवार को जनाना विंग में दोनों की डिलीवरी हुई। स्टाफ ने लड़के के टैग पर गलती से बेबी ऑफ ममता, सन ऑफ राकेश नागौरा लिख दिया, जिससे नोकझोंक हुई। राकेश ने मिठाई बांटी, खून दिया, फिर लड़की देख हंगामा किया। विमला के पक्ष ने कहा हमारा लड़का ही आया। दोनों मांओं ने दिए बच्चे को ही अपनाया। स्टाफ पर रिपोर्ट के बाद एक्शन होगा डॉ. राजपुरोहित ने बताया कि जिम्मेदार स्टाफ पर कमेटी (डॉ. रेखा जाखड़, डॉ. दीपक टाक, मैट्रन कंचन रावल) की रिपोर्ट के बाद एक्शन होगा।


