इंटरनेशनल मार्केट में लगातार बढ़ रही सोने की कीमतों के कारण पुरानी ज्वेलरी की ब्रिकी में तेजी से इजाफा हुआ है। जयपुर जैसे बड़े गोल्ड मार्केट में भी इसका असर दिख रहा है। करीब 25 दिन से बढ़ रही सोने की कीमतों ने ज्वैलरी बाजार में उथल-पुथल मचा रखी है। ज्वेलर्स के पास आने वाली पुरानी गाेल्ड ज्वेलरी की तादाद 100% से ज्यादा बढ़ गई है तो नई गाेल्ड ज्वेलरी की सेल 25% तक घट गई। सामान्य दिनों से दोगुनी हुई बिक्री लोग पीढ़ियाें से घर में रखे पुराने और अनुपयोगी साेने के गहनाें काे बेच कर मुनाफा काटने में लगे हैं। साेने के पुराने गहनाें काे गलाने की भट्टी संचालक महादेव के मुताबिक- गोल्ड की कीमत 88 हजार प्रति 10 ग्राम पार हाेने के बाद से हर दिन करीब 6 किलाे पुरानी गाेल्ड ज्वैलरी गलने आ रही है। जबकि सामान्य दिनों में 2 से 2.5 किलाे के बीच रहती थी। चौंकाने वाली बात यह है कि 5 से 25 साल पुरानी इस पुरानी ज्वेलरी में साेना 70 से 80% ही निकल रहा है। अचानक बढ़ी ज्वेलरी बेचने वालों की संख्या सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के उपाध्यक्ष मनीष खूंटेटा ने बताया कि हॉलमार्क लागू हाेने से पहले ज्वैलरी 22/20 के हिसाब से बिकती थी, इसलिए पुरानी ज्वैलरी में साेना कम निकल रहा है। पहले लोग यह नहीं बता सकते थे कि सोने की कीमत क्या है, लेकिन अब पुरानी गाेल्ड ज्वैलरी की कीमत पता लगा रहे हैं। 10 में से 8 कीमत जानकर गहने बेच रहे हैं। 100 ग्राम के गाेल्ड बार की हुई किल्लत विदेश में गाेल्ड बार की मांग बढ़ने से बाजार में 50 व 100 ग्राम की गाेल्ड बार की किल्लत हाे गई है। बुलियन डीलर्स के मुताबिक गाेल्ड बार लाेकल गाेल्ड रिफाइनरियां बनाती हैं, जबकि बैंक दूसरे देशाें से भी आयात कर बेचती है। लाेकल रिफाइनरियाें से कुछ मात्रा में सप्लाई आ रही है, लेकिन आयातित गाेल्ड बार न के बराबर है। चीन व रूस से साेने की बार लगभग समाप्त हाे गई है। सोने में तेजी के 4 कारण 2024 में गोल्ड ने 20% और सिल्वर से 17% का रिटर्न बीते साल सोने का भाव 20.22% बढ़ा। वहीं, चांदी की कीमत में 17.19% की बढ़ोतरी हुई। 1 जनवरी 2024 को सोना 63,352 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो 31 दिसंबर 2024 को 76,162 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था। वहीं इस दौरान, एक किलो चांदी की कीमत 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86,017 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी।


