नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एग्री ट्रेनी भर्ती परीक्षा में नकल कराते हुए 14 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नकल करा रही गैंग के पास जयपुर पुलिस को एडमिट कार्ड, साइन किए हुए खाली चैक, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिली हैं। जो ऑनलाइन एग्जाम के दौरान कंप्यूटर की स्क्रीन शेयर कर चीटिंग करवा रहे थे। जो 5 जनवरी को आयोजित की गई थी। मामले में अब पेपर लीक की आशंका है। जांच में खुलासा हुआ कि ये गैंग रेलवे, एएसआई प्रमोशन टेस्ट के एग्जाम में भी नकल करवा चुकी है। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया- जयपुर पुलिस और एसओजी को ऑनलाइन नकल के बारे में सूचना मिली थी। सूचना के बाद शास्त्री नगर चित्रकूट मुहाना वैशाली नगर के 6 सेंटरों पर रेड डाली गई। रेड के दौरान सबसे पहले दो संदिग्ध नितेश कुमार (27) और सुमित सिंह (25) को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया- शास्त्री नगर के एसजेएम कॉलेज में कम्यूटर लैब के जरिए परीक्षा में स्क्रीन शेयर कर चीटिंग कराई जा रही है। पुलिस टीम शास्त्री नगर स्थित कंप्यूटर लैब पहुंची। यहां पर संदीप कुमार (35), बलबीर (35) और कश्मीर झांझडिया (25) को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 1,68,500 रुपए, 6 एडमिट कार्ड, 7 साइन किए हुए खाली चैक, 3 लैपटॉप, WI-FI राउटर और चार्जर, 1 प्रिन्टर स्कैनर और पावर केबल, 2 माउस, 1 इंटरनेट केबल जब्त की गई। पैसे लेकर नकल करवाते हैं आरोपी बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया- मौके पर ही संदीप से पूछताछ की गई। उसने बताया- मेरी कम्प्यूटर लैब में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के ऑनलाइन/ऑफलाइन परीक्षा आयोजित कराई जाती है। नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एग्री ट्रेनी भर्ती परीक्षा में संदीप व उसके अन्य परीक्षाओं में पैसा लेकर नकल करवाने का काम करते हैं। नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एग्री ट्रेनी भर्ती परीक्षा में संदीप व उसके साथी परमजीत, जोगेन्द्र, हेरिटेज वायुना सी.सै. स्कूल खातीपुरा के संचालक प्रवीण, वैदिक कन्या स्कूल के कम्प्यूटर लैब संचालक नन्दू ठेकेदार, आईटी इंफ्रा के कम्प्यूटर लैब संचालक दिलखुश और गणपति ठेकेदार, द लॉरेन्स स्कूल मानसरोवर के कम्प्यूटर लैब संचालक और कॉन्ट्रैक्टर प्रदीप, संदीप उर्फ सैंडी के साथ मिलकर ये लोग परीक्षाओं में पैसा लेकर नकल कराते हैं। संदीप ने बताया- रविवार आयोजित परीक्षा में मेरे साथी परमजीत, जोगेन्द्र, टिंकू चौधरी उर्फ गुरुजी, नन्दू ठेकेदार, प्रदीप कॉन्ट्रेक्टर सदीप उर्फ सैंडी और विक्रम के जरिए पेपर सॉल्व करवाए थे। इसके लिए हर छात्र से 50-50 हजार रुपए एडवांस लिए गए थे। कैसे एक दूसरे के सम्पर्क में आए गैंग मेंबर्स पुलिस पूछताछ में आरोपी संदीप कुमार ने बताया- साल 2022 में एसजेएम कॉलेज कांवटिया सर्किल शास्त्री नगर जयपुर में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर खोला था। तब से सेंटर चला रहा हूं। साल 2024 में नंदू और परमजीत सम्पर्क में आये थे। नंदू और परमजीत ने बैंक प्रमोशन के एग्जाम में 2 लोगो को पास कराने के लिए सम्पर्क किया था। इस परीक्षा में नेटबूट ऑपरेटिंग सिस्टम के कारण नकल करना संभव नहीं हुआ। नेटबूट पर टीम व्यूअर और एम्मी एडमिन ऐप काम नहीं करते। विंडोज पर होने वाले एक्जाम में दोनों ऐप काम कर जाती हैं। इसमें नकल आसान हो जाती है। पूछताछ में आरोपी संदीप कुमार ने बताया- पहले रेलवे, आरपीएफ प्रमोशन टेस्ट आदि परीक्षा के कैंडिडेट को नकल कर पास कर फायदा पहुंचाया है। इसमें संदीप के साथ कई अन्य लोग भी जुड़े हैं। अभी चल रही नेशनल सिड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड में एग्रीकल्चर ट्रेनी के पद की भर्ती के लिए संदीप से 8 लोगों ने संपर्क किया था। इनमें जोरावर सिंह मीणा (22), मनीष कुमार (22) और रूपम पचार (26) का पेपर स्क्रीन शेयर ऐप के जरिए सॉल्व करवना था। एएसआई के प्रमोशन टेस्ट में भी नकल करवाई बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया- 21-22 दिसम्बर को रेलवे टेक्नीशियन भर्ती में सीकर के बरजी देवी स्कूल के एग्जाम सेन्टर में रिंकू मीणा नाम के कैंडिडेट का पेपर सॉल्व करवाया था। जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि आरोपियों ने 20 दिसंबर 2004 रो बुए रेलवे की सहायक पुलिस निरीक्षक (एएसआई) के प्रमोशन टेस्ट में भी पेपर सॉल्व करवाया था। इनकी हुई गिरफ्तारी ये भी पढ़ें SI भर्ती मामले में सरकार को हाईकोर्ट की फटकार:कहा-हर हाल में यथास्थिति के आदेश का पालन हो, वरना कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी एसआई भर्ती 2021 मामले में ट्रेनी SI को फील्ड ट्रेनिंग पर भेजने पर हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि हर हाल में 18 नवंबर के दिए गए यथास्थिति के आदेश का पालन होना चाहिए, वरना कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी। दरअसल, ट्रेनी SI को फील्ड ट्रेनिंग पर भेजने के पुलिस मुख्यालय के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। (पूरी खबर पढ़ें)


