जयपुर में मांझे से कटने और पतंगबाजी के दौरान गिरने या दुर्घटना होने से 140 से ज्यादा लोग गंभीर घायल हो गए। इसमें एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। जयपुरिया हॉस्पिटल में बुधवार को 50 मरीज पहुंचे। वहीं 31 घायल गणगौरी, 32 घायल एसएमएस ट्रोमा सेंटर और 30 घायल कांवटिया हॉस्पिटल पहुंचे हैं। ट्रोमा सेंटर प्रशासन से मिली रिपोर्ट के मुताबिक 10 साल का बच्चा धीर कुमार पुत्र हितेष राजमहल चौराहे के पास से गाड़ी से गुजर रहा था। इस दौरान बीच में मांझा आने से उसका गला कट गया, जो गंभीर रूप से घायल हो गया। घबराए परिजन उसे लेकर एसएमएस ट्रोमा सेंटर पहुंचे, तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। 32 से ज्यादा घायल एसएमएस पहुंचे
एसएमएस हॉस्पिटल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया- बुधवार सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक ट्रोमा सेंटर में 32 से ज्यादा घायल ऐसे पहुंचे, जो केवल मांझे से कटे या पतंगबाजी के दौरान गिर गए या उनका एक्सीडेंट हो गया। इसमें ज्यादातर केस ऐसे आए, जिनमें नाक, गला मांझे से कटे हैं। डॉ. शर्मा ने बताया- 32 घायलों में से गंभीर घायल हुए, उनमें 12 मरीज ऐसे हैं, जो 14 साल या उससे छोटी उम्र के बच्चे हैं। वहीं इन 32 में से 12 गंभीर घायल होने पर उनको भर्ती किया है। वहीं कांवटिया हॉस्पिटल प्रशासन से जारी रिपोर्ट के मुताबिक- 30 लोग पतंगबाजी के दौरान घायल हुए। इनमें से 13 गंभीर घायल थे, जिनको उपचार के लिए भर्ती किया गया। वहीं शेष को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।


