जयपुर के खजाना महल में शुक्रवार को रील महोत्सव 2025–26 की अवार्ड सेरेमनी का सफल आयोजन किया गया। इस अनोखी पहल में देश के विभिन्न राज्यों से आए 175 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का मंच देना और रील्स के माध्यम से संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देना रहा। खजाना महल के संस्थापक निदेशक अनूप श्रीवास्तव ने बताया- रील महोत्सव का आयोजन ‘रील तो बनती है’ थीम पर किया गया, जिसके तहत प्रतिभागियों को 20 दिसंबर से 5 जनवरी तक खजाना महल परिसर में रील्स बनाने की अनुमति दी गई। यह महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उभरते डिजिटल क्रिएटर्स के लिए आगे बढ़ने का सशक्त मंच है, जो राजस्थान की समृद्ध संस्कृति को देश–दुनिया तक पहुंचाने में सहायक बन रहा है। प्रतिभागियों ने अपनी रील्स में खजाना महल की भव्यता, राजस्थान की परंपरा, कला, लोक संस्कृति और पर्यटन स्थलों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया, जिन्हें सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिली। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, ओडिशा और झारखंड सहित कई राज्यों से प्रतिभागियों की मौजूदगी ने आयोजन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। रील महोत्सव की क्रिएटर लीना श्रीवास्तव ने बताया कि अवार्ड सेरेमनी के मुख्य अतिथि जयपुर के प्रसिद्ध फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर राज बंसल और वेबसीरीज मिर्जापुर में ‘मकबूल’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता शाजी चौधरी रहे। प्रतियोगिता की जूरी में ‘कपिल शर्मा शो’ और ‘किस किसको प्यार करूं’ के लेखक–निर्देशक अनुकल्प गोस्वामी, ‘स्त्री’ फेम अभिनेता अतुल श्रीवास्तव, ‘आर्या’ फेम अभिनेता विश्वजीत प्रधान और अभिनेता शाजी चौधरी शामिल रहे, जिन्होंने रील्स की गुणवत्ता, प्रस्तुति और लोकप्रियता के आधार पर विजेताओं का चयन किया। प्रतियोगिता में कुल 7 क्रिएटर्स को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। बेस्ट रील का प्रथम पुरस्कार हिमांशु नथावत को मिला, जिन्हें थाईलैंड ट्रिप प्रदान की गई। इसी श्रेणी में द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः विकास मगध और अजीम खान को नकद राशि के रूप में दिए गए। क्रिटिक्स रील अवार्ड से टीआरबी बॉयज, रेनू सोनी और भूपाराम को सम्मानित किया गया, जबकि डायरेक्टर चॉइस अवॉर्ड आशीष राय को प्रदान किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए।


