जयपुर के दिल्ली-अजमेर हाईवे पर फ्लाइंग स्क्वॉड में तैनात RTO इंस्पेक्टर की लोगों ने पिटाई कर दी। दरअसल, हाईवे पर एक ट्रक और ट्रेलर की भिड़ंत हो गई, जिसमें ट्रेलर का ड्राइवर केबिन में फंस गया। आरटीओ इंस्पेक्टर ने लोगों की मदद से ड्राइवर को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, इसके कुछ देर बाद लोगों ने हादसे के लिए RTO इंस्पेक्टर को जिम्मेदार ठहरा दिया। लोगों का आरोप है कि हाईवे पर हादसा उस समय हुआ, जब इंस्पेक्टर एक ट्रेलर को रोक रहा था। लोगों ने RTO इंस्पेक्टर को पकड़ लिया और उसे थप्पड़-घूंसे मारने लगे। इस दौरान हाईवे पर जाम लग गया। मामले पर विश्वकर्मा थाना पुलिस ने कहा कि कुछ हुड़दंगी युवकों ने लोगों को भड़काया और उनकी पिटाई करवाई। पहले देखिए, RTO इंस्पेक्टर के मारपीट से जुड़ी 3 PHOTOS.. अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरा विवाद… केबिन में फंसा ड्राइवर, पैर में फ्रैक्चर
SHO (विश्वकर्मा) राजेंद्र कुमार ने बताया- हाईवे पर विश्वकर्मा आकेड़ा गांव में सांखला ढाबा रेस्टोरेंट के पास आरटीओ का उड़नदस्ता तैनात था। सुबह करीब 11 बजे सड़क किनारे एक ट्रेलर खड़ा कर उसकी जांच की जा रही थी। इस दौरान उड़नदस्ते से कुछ ही दूरी पर एक ट्रेलर की ट्रक से भिड़ंत हो गई। टक्कर लगने से ट्रेलर चालक केबिन में फंस गया। हादसे के बाद RTO इंस्पेक्टर विजेंद्र जांगिड़ ने लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। ट्रेलर ड्राइवर सवाई माधोपुर निवासी सरजीत (36) को बाहर निकाला। साथी पुलिसकर्मियों की मदद से घायल ड्राइवर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सरजीत के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उसका इलाज किया जा रहा है। SHO ने कहा- हुड़दंगियों ने पीटा
SHO राजेंद्र कुमार ने बताया कि हादसे के कारण हाईवे पर जाम लग गया। आरटीओ ने हाईवे पर जाम की सूचना विश्वकर्मा थाने को दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही कुछ हुड़दंगी मौके पर जमा हो गए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को भी आरटीओ इंस्पेक्टर से मारपीट करने के लिए उकसाया। ट्रेलर को हाथ हिलाकर रोकने का आरोप
आरोप है कि चेकिंग के दौरान उड़नदस्ते में तैनात पुलिसकर्मियों ने अचानक हाथ हिलाकर ट्रेलर को रुकवा दिया। इससे ट्रेलर पीछे आ रहे ट्रक से जा टकराया। आरटीओ की गलती के कारण यह हादसा हुआ। विश्वकर्मा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बाधित यातायात को शुरू करवाया। आरटीओ ने विश्वकर्मा थाने में शिकायत दी
राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार चौधरी का कहना है- आरटीओ टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। आरटीओ टीम से कुछ दूरी पर ट्रक के पीछे से ट्रेलर घुस गया था। एक्सीडेंट होने पर मौके पर मौजूद आरटीओ इंस्पेक्टर विजेंद्र जांगिड़ ने ट्रेलर में फंसे घायल ड्राइवर को निकाला। आरटीओ इंस्पेक्टर ने खुद के स्तर पर ही घायल ड्राइवर को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था। कुछ हुड़दंगियों ने वहां पहुंचकर माहौल बिगाड़ा और आरटीओ के कारण हादसा होने की बात कहकर उनके साथ मारपीट की। विश्वकर्मा थाने में आरटीओ इंस्पेक्टर विजेंद्र जांगिड़ ने शिकायत दी है।


