अजमेर में श्री राम जानकी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम चाचियावास में 5 से 7 फरवरी तक आयोजित होगा। महोत्सव में आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी पहुंची। जया किशोरी की ओर से नानीबाई रो मायरा की कथा का वाचन किया गया। कथा वाचन के दौरान भक्ति झूम उठे। कथावाचक जया किशोरी ने कार्यक्रम में पहुंचे भक्तों से पूछा कि वह मारवाड़ी या हिंदी में सुनना पसंद करेंगे। पंडाल में मौजूद भक्तों की ओर से मारवाड़ी में कथा का वचन करने के लिए कहा गया। इस दौरान जया किशोरी ने कहा- देश के हर कोने में अब कथा की जा रही है। कई बार ऐसे स्थान पर भी जाते हैं, जहां मारवाड़ी समझ में नहीं आती है, तो वहां हिंदी में भी की जाती है। इसलिए यहां भी करने से पहले पूछ रहे हैं। इतने में एक भक्त ने कहा कि मारवाड़ी मारवाड़ का हिस्सा है। जया किशोरी ने कहा- हिस्सा होने के बावजूद भी लोग घर पर नहीं बोलते हैं। यह हमारा दुर्भाग्य है। कई जगह पर जाते हैं जहां मारवाड़ी लोग हैं, मारवाड़ की जगह हैं, लेकिन कहते हैं बोलना नहीं आती है, थोड़ा बहुत समझ लेते हैं। इसलिए आजकल कथा करने से पहले पूछना पड़ता है। वैसे कथा मारवाड़ी में ही होती है, समझ नहीं आने पर हिंदी में करनी पड़ जाती है। कथा का आनंद मारवाड़ी में ही है।


