जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ऊषा गोयल की अगुवाई में हेल्थ सुपरवाइजरों की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक दौरान पानी से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम, पेयजल सैंपलिंग प्रक्रिया तथा आगामी महीनों में डेंगू से बचाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. तपिंदरजोत ने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में डायरिया, हेपेटाइटिस-ए और टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। इसलिए पीने के पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच कराई जाए और रिपोर्ट के अनुसार तुरंत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ऊषा गोयल ने कहा कि जहां भी पानी के सैंपल मानकों पर खरे न उतरें, वहां तुरंत क्लोरीनेशन कराया जाए और लोगों को उबला हुआ पानी पीने के लिए जागरूक किया जाए। साथ ही स्वच्छता अभियान को तेज करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में डेंगू के संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए घर-घर सर्वे, लार्वा चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाने की योजना पर भी चर्चा की गई। हेल्थ सुपरवाइजरों को अपने-अपने क्षेत्रों में टीमों का गठन कर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। इस मौके जिला एपिडेमोलॉजिस्ट डॉ. सुकरिति, डॉ. रणदीप कौर तथा डिप्टी मास मीडिया अधिकारी रोहित जिंदल भी उपस्थित रहे।


