दतिया शहर के झिरका बाग इलाके में बुधवार रात एक युवक ने श्मशान घाट पहुंचकर जलती चिता से छेड़छाड़ की। आरोपी बल्ली कुशवाहा (40) ने चिता की राख से स्नान किया और मृतक की खोपड़ी व अस्थियां पॉलीथिन में भरकर अपने घर ले गया। वह रात भर अस्थियों के साथ कमरे में सोता रहा। गुरुवार सुबह जब समाज के लोग अस्थि संचय के लिए पहुंचे, तो मामला खुला। कुशवाहा समाज ने आरोपी के परिवार को समाज से बेदखल कर दिया है, वहीं पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। रात 11 बजे श्मशान पहुंचा, सुबह राख में लिपटा मिला मूलचंद्र कुशवाहा (70) का निधन होने पर बुधवार शाम उनका अंतिम संस्कार किया गया था। रात करीब 11 बजे मोहल्ले का ही बल्ली कुशवाहा (पुत्र तुलसी कुशवाहा) श्मशान पहुंचा। उसने जलती चिता की लकड़ियां फैला दीं और राख को शरीर पर मलकर स्नान किया। इसके बाद वह मृतक की खोपड़ी और अस्थियां घर ले गया। सुबह जब परिजन अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचे, तो राख बिखरी मिली और खोपड़ी गायब थी। खोजबीन करने पर बल्ली अपने घर में राख से लिपटा मिला और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। समाज ने हुक्का-पानी बंद किया, 5100 रुपए का दंड इस घटना से नाराज कुशवाहा समाज के बुजुर्गों ने तत्काल पंचायत बुलाई। पंचनामा तैयार कर आरोपी और उसके परिवार को समाज से बेदखल कर दिया गया। फैसला लिया गया कि यदि समाज का कोई व्यक्ति बल्ली या उसके परिवार से संबंध रखता है या उन्हें बुलाता है, तो उसे 5,100 रुपए जुर्माना देना होगा। पंचनामा पर लालाराम, ज्वाला, अतर सिंह, रतन, राजू, प्रकाश, रामकिशुन और भज्जू सहित कई वरिष्ठ सदस्यों ने हस्ताक्षर किए।


