हरमू हाउसिंग कॉलोनी में जलमीनार निर्माण को लेकर गुरुवार को स्थानीय लोगों ने कार्तिक उरांव चौक के पास तीन घंटे सड़क जाम कर दिया। इससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई। जाम की वजह से रातू रोड से हरमू की ओर जाने वाले वाहनों को हरमू बिजली ऑफिस के पास से ही डायवर्ट करना पड़ा। वहीं हरमू चौक की ओर से रातू रोड की ओर आने वाले वाहनों को एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सड़क जाम की वजह से करीब 2 किमी. तक वाहनों का लंबा जाम लग गया। जाम व प्रदर्शन को देखते हुए हटिया डीएसपी, अरगोड़ा थानेदार सहित गोंदा ट्रैफिक थानेदार को जाम हटाने के लिए लगाया गया। लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों ने काफी देर बाद सिर्फ एक लेन को खाली किया। दूसरे लेन में वे लोग शाम 6 बजे तक प्रदर्शन करते रहे। स्थानीय लोगों ने दोपहर 3.20 बजे सड़क जाम कर दी। उल्लेखनीय है कि कॉलोनी में खाली पड़े मैदान में जलमीनार निर्माण का मंगलवार को स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। इसके बाद अरगोड़ा थाना में हेहल अंचल निरीक्षक सुधीर कुमार जायसवाल की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 10 के विरुद्ध नामजद और 60 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसे लेकर भी स्थानीय लोगों में आक्रोश था कि प्रशासन ने उनके विरुद्ध प्राथमिकी क्यों दर्ज कराई। प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों पर आरोप है कि जलमीनार को लेकर विरोध के दौरान पुलिस व अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। उन पर पथराव किया गया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हंगामे के कारण जलमीनार निर्माण का काम रोकना पड़ा। एक और केस हो सकता है दर्ज : जलमीनार को लेकर गुरुवार को हरमू रोड में हुए प्रदर्शन के बाद एक और केस स्थानीय लोगों पर दर्ज हो सकता है। क्योंकि 18 मार्च को भी विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय लोगों पर अरगोड़ा थाना में केस दर्ज कराया गया था। गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में लोगों को परेशानी हुई। इसलिए प्रशासन की ओर से एक और केस दर्ज किया जा सकता है। लोग बोले- स्वास्थ्य केंद्र व खेल मैदान के लिए छोड़ी गई है जमीन जलमीनार निर्माण का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने कहा है कि जहां जलमीनार का निर्माण कराया जा रहा है, वहां बच्चों के खेल मैदान और स्वास्थ्य केंद्र के लिए जगह छोड़ी गई थी, लेकिन अब वहां जलमीनार का निर्माण किया जा रहा है। इसे लेकर स्थानीय निवासियों में आक्रोश है। उनका कहना था कि यह क्षेत्र आवास बोर्ड द्वारा बसाया गया है, जहां करीब 5,000 से अधिक लोग रहते हैं। उनके लिए यही एक छोटा सा मैदान है, जहां उनके बच्चे खेलते हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मैदान को बचाया जाए और जलमीनार का निर्माण रोका जाए। ताकि बच्चों से खेलने की जगह न छीन सके।


