दिल्ली सरकार के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की 106वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भारतीय इतिहास के प्रति रवैया चयनात्मक और शर्मनाक है। सिरसा ने कहा कि कांग्रेस औरंगजेब और टीपू सुलतान जैसे आक्रमणकारियों के नाम पर सड़कें और शहर रख रही है। वहीं सी. संकरण नायर, बंदा सिंह बहादुर, लचित बोरफुकन, छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप जैसे राष्ट्रीय नायकों को भुला दिया गया है। इन नायकों ने भारत की संप्रभुता और सांस्कृतिक पहचान के लिए संघर्ष किया था। मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विदेशी शासकों के अपराधों को छिपा रही है। साथ ही उन वीरों के बलिदान को भी नजरअंदाज कर रही है, जिन्होंने विदेशी शासन का विरोध किया। सी. संकरण नायर के बारे में सिरसा ने बताया कि उन्होंने 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद वायसरॉय की परिषद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने ब्रिटिश अत्याचारों को उजागर किया, जब अधिकतर लोग चुप थे। नायर ने खिलाफत आंदोलन की भी आलोचना की थी। सिरसा ने बताया कि जल्द आ रही फिल्म ‘केसरी 2’ में सी. संकरण नायर जैसे भूले-बिसरे नायकों की कहानी दिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश को अपने स्वतंत्रता संग्राम के असली नायकों को पहचानने की जरूरत है।


