यदि मोती तबेला स्थित कलेक्टोरेट कार्यालय में आपने जमीन या अन्य किसी अनुमति के लिए आवेदन किया है और वहां से कोई फोन आए तो चौंकिएगा नहीं। कलेक्टोरेट में जल्द ही एक कॉल सेंटर स्थापित होगा। यहां एक टीम होगी, जो फोन कर पूछ सकती है कि आपका काम हुआ या नहीं? हुआ तो तय समय सीमा में हुआ या नहीं? किसी ने इसके लिए आपसे राशि या अन्य कोई डिमांड तो नहीं की? कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा, कॉल सेंटर जल्द शुरू होगा। इसके प्रभारी जिला प्रबंधक लोक सेवा, अमोघ श्रीवास्तव होंगे। दरअसल, जिले में राजस्व विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं जैसे नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा के मामलों में लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हीं कठिनाइयों को दूर करने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय में कॉल सेंटर बनाया जा रहा है। इसका एक रजिस्टर भी मेंटेन होगा। प्रभारी अधिकारी-भूअभिलेख को भी इसकी जानकारी हर दिन दी जाएगी। आए दिन आती है कलेक्टर, अपर कलेक्टर के पास शिकायत दरअसल नामांकन, सीमांकन, बंटाकर जैसे काम सरकार की प्राथमिकता के हैं। राजस्व अभियान और हर सप्ताह राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बावजूद ये केस कम नहीं होते? कई तरह की शिकायतें भी कलेक्टर, अपर कलेक्टर के पास आती हैं। इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए यह पहल की गई है। कलेक्टर सिंह ने बताया हमारा उद्देश्य समय-सीमा में काम का निपटान और आवेदकों को बिना किसी परेशानी के समय पर उनके आवेदनों का निराकरण करना है। इस तरह के सवाल पूछे जाएंगे


