खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि राज्य की जनवितरण प्रणाली की दुकानों में 2जी ई-पॉस मशीन के कारण लाभुकों को उचित मात्रा में और समय पर अनाज वितरण करने में कठिनाई होती है। इस वजह से लाभुकों के ई-केवाईसी कराने में भी परेशानी हो रही है। साथ ही, उचित मात्रा में अनाज प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। इस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग द्वारा उचित कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि 2जी ई-पॉस मशीन की जगह जल्द से जल्द 4जी ई-पॉश मशीन की खरीद की जाएगी। इस संबंध में जल्द ही निविदा प्रकाशित की जाएंगी। साथ ही, लोगों को उचित मात्रा में और समय पर प्रोटीनयुक्त अनाज तथा केवाईसी कराने की सुविधा मिल सके। इस पर सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता विभाग जल्द ही 4जी मशीन खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू करेगा। टेंडर प्रक्रिया के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने के बाद कैबिनेट से उसकी स्वीकृति ली जाएगी। एजेंसियों को मशीन मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी दी जाएगी. विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि प्रक्रिया पारदर्शी और कुशल हो। राज्यभर में अभी 2.84 करोड़ हैं कार्डधारी, जो राशन ले रहे हैं राज्य में अभी कुल 2.84 करोड़ कार्डधारी हैं, जो जनवितरण प्रणाली की दुकानों से राशन ले रहे हैं। इनमें से 2.64 करोड़ लाभुक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आते हैं। वहीं, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 20.29 लाख ग्रीन राशन कार्ड धारक हैं। चंपई सरकार ने लिया था 4जी ई-पॉस मशीन खरीदने का निर्णय फरवरी 2024 में राज्य की तत्कालीन चंपई सोरेन की सरकार ने 2जी ई-पॉस मशीनों को हटाकर 4जी ई-पॉस मशीन लगाने का निर्णय लिया था। उस वक्त राज्य सरकार ने 4जी ई-पॉस मशीनें खरीदने के लिए 63.72 करोड़ रुपए की मंजूरी दी थी। इसके अलावा हर साल इन मशीनों के मेंटेनेंस पर 28.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चंपई सरकार ने राशन वितरण में सुधार और लाभुकों तक सुविधा पहुंचाने के मदसद से यह निर्णय लिया था।


