जल जीवन मिशन:राजस्थान निचले पायदान पर, देश भर में 31वां स्थान सिर्फ तीन प्रदेशों से आगे, एक भी जिला लक्ष्य को छू नहीं पाया

केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने की योजना में राजस्थान पिछड़ गया है। 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में प्रदेश 31वें स्थान पर है। सिर्फ केरल (54.76%), झारखंड (55.09%) और पश्चिम बंगाल (56.45%) ही उससे नीचे हैं। देश में कुल ग्रामीण परिवारों में से 81.37% घरों में नल जल की आपूर्ति की जा रही है। राजस्थान में यह आंकड़ा 57.67% ही है। यह राष्ट्रीय औसत से लगभग 24% कम है। यह आंकड़े लोकसभा में जल शक्ति मंत्री की ओर से बताए गए हैं। सरकार ने जल जीवन मिशन अगस्त 2019 में शुरू किया था। तब प्रदेश के 107.74 लाख ग्रामीण परिवारों में से केवल 11.74 लाख (10.90%) के पास ही नल जल कनेक्शन थे। अगस्त 2019 से लेकर दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह तक 46.64 लाख नए कनेक्शन दिए हैं। बावजूद इसके कुल 107.74 लाख परिवारों में से 62.13 लाख परिवारों को ही नल से जल की आपूर्ति मिल रही है। यह कुल ग्रामीण परिवारों का 57.67% है। लगभग 42% ग्रामीण परिवार अभी भी कनेक्शन की प्रतीक्षा में है। आंकड़ों के अनुसार किसी भी जिले ने अब तक 100% ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य पूरा नहीं किया है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार राज्य के कुल 1 करोड़ 7 लाख 74 हज़ार 308 ग्रामीण परिवारों में से 62 लाख 13 हज़ार 106 को नल से जल का कनेक्शन मिला है। जिससे राज्य का समग्र कवरेज 57.67% हो पाया है। हालांकि राष्ट्रीय औसत 81.37% से काफी पीछे है। मगर पांच जिलों का प्रदर्शन लक्ष्य के नजदीक है। इनमें हनुमानगढ़ सर्वाधिक 90.21% कवरेज के साथ राज्य में पहले स्थान पर है। जबकि भीलवाड़ा 87.65%, श्रीगंगानगर 87.10%, डीडवाना-कुचामन 84.17% व पाली में पाली 83.80% घरों में जल कनेक्शन किए गए हैं। जबकि 65% से 75% वाले जिलों में झालावाड़ 73.32%, चूरू 67.39%, राजसमंद 67.13% और टोंक 66.47% शामिल है। दूसरी ओर अजमेर, जोधपुर, सिरोही, बीकानेर और झुंझुनू जैसे कई जिले 50 से 58 प्रतिशत के बीच चल रहे हैं। 8 जिलों में 40 प्रतिशत से भी कम कनेक्शन सबसे बड़ी चुनौती उन जिलों से आ रही है जहां प्रगति की दर बहुत धीमी है। सबसे निचले पायदान पर पश्चिमी राजस्थान में बाड़मेर है। जहां केवल 21.16% ग्रामीण परिवारों को ही नल कनेक्शन मिला है। जबकि यह सूखा प्रभावित क्षेत्र है और पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी तरह डीग 26.83%, चित्तौड़गढ़ 28.91%, डूंगरपुर 32.09%, प्रतापगढ़ 34.26%, बांसवाड़ा 36.55%, उदयपुर 36.40% और बूंदी में 36.34% कनेक्शन हो पाए हैं।

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